दो बेटियों से दुष्कर्म कर आरोपियों ने धमकाया, आहत पिता ने ट्रेन के आगे कूदकर दे दी जान
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दो बेटियों से दुष्कर्म करने के आरोपियों ने धमकाया तो बच्चियों के पिता ने शनिवार देर शाम ट्रेन के आगे कूद कर खुदकुशी कर ली। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद आरोपियों द्वारा लगातार उसके भाई को लगातार धमकाया जा रहा था। वहीं केस वापस नहीं लेने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी। इस बारे में संबंधित पुलिस को अवगत भी करवाया गया था, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
इसी कारण उसका भाई काफी परेशान रहता था और इसी परेशानी में उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार से उसके भाई को डरा धमका कर खुदकुशी करने के लिए मजबूर कर दिया गया है, उसी तरह उनके परिवार के अन्य सदस्यों की भी जान को खतरा है। आरोपी कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएं।
बता दें कि पिछले दिनों थाना संगत पुलिस ने दो सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म करने और उनकी मदद करने वाले चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अपनी शिकायत में नाबालिग बहनों ने बताया कि 26 जनवरी को वह अपने पिता के साथ झगड़ा कर घर से चली गई थी। वह गांव के जसविंदर सिंह के घर गई। आरोपी जसविंदर उनको बस स्टैंड पर ले गया। जहां पर उसने आटो चालक दयाल सिंह को बुलाया।
वह अपने दोस्त अमृतपाल सिंह के साथ शादी करवाने का झांसा देकर उनको शेरगढ़ के रेलवे स्टेशन पर ले गए। पीड़िता के मुताबिक आरोपी अमृतपाल सिंह और उसके पिता मंगा सिंह गाड़ी पर आए और दोनों बहनों को गांव ले गए। दोनों ने आरोप लगाया कि जसविंदर सिंह व अमृतपाल सिंह ने उनके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उन्हें थाना सदर बठिंडा छोड़ दिया।
थाना संगत पुलिस ने पीड़ित लड़कियों के बयान पर आरोपियों अमृतपाल सिंह, उसके पिता मंगा सिंह, जसविंदर सिंह और दयाल सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्जकर लिया था। मामला दर्ज होने के बाद से आरोपियों द्वारा पीड़िता के पिता को लगातार धमकाया जा रहा था। इसी कारण लड़कियों के पिता ने ट्रेन के सामने कूद कर अपनी जान दे दी।
थाना संगत के एसएचओ गौरव वंश का कहना है कि पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। पीड़ित बहनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया था। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। लड़कियों के पिता को कोई धमकी दी गई है, इसकी कोई शिकायत पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस को नहीं दी गई है। आत्महत्या की कार्रवाई जीआरपी पुलिस द्वारा की जा रही है।