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कर्ज में दबे व्यापारी ने गोदाम में फंदा लगाकर की खुदकुशी
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल।
Updated Mon, 18 Apr 2016 03:54 PM IST
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व्यापारी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली
- फोटो : amarujala
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शनिवार को दयानंद कॉलोनी स्थित एक गोदाम में लाखों रुपये के कर्ज तले दबे व्यापारी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी जेब से मिले सुसाइड नोट में गोदाम मालिक पर पैसे लेने का दबाव बनाकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है तथा सुसाइड नोट के आधार पर गोदाम मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक सेक्टर-12 निवासी अशोक (48) दयानंद कॉलोनी में किराये पर दुकान लेकर रद्दी का काम कर रहा था। शनिवार को सुबह जब लोगों ने गोदाम में देखा तो वह फांसी पर लटका हुआ मिला। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे फंदे से उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अशोक की जेब से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था कि वह पिछले पांच साल से कबाड़ी का काम कर रहा है।
एक दिन उसकी मुलाकात गोवर्धन पेठे वाले से हुई। उसने कहा कि तू मेरे साथ काम कर ले। उसकी इस बात पर वह भी राजी हो गया। हमने एक साल काम किया। जिसके बाद गोवर्धन ने व्यापार में लगाया अपना सारा पैसा वापस ले लिया। इस काम में गोवर्धन ने चार लाख के करीब रुपये कमाये। उसके पास कुछ नहीं बचा था। गोवर्धन ने फिर उस छह लाख रुपये दे दिये और कहा कि तू दुकान का किराया व पैसों का ब्याज देते रहना। वह दुकान का किराया व ब्याज समय पर दे रहा था, लेकिन इस बार वह पैसे नहीं दे पाया और गोवर्धन उस पर पैसे के लिए दबाव बना रहा था। जिसके कारण उसने तनाव में आकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर गोदाम मालिक गोवर्धन के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
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वर्जन
जांच अधिकारी रामकिशन ने बताया कि अशोक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने पैसे के लेन देन जिक्र किया है। उसने गोवर्धन पेठे पर पैसे के लेन देन को लेकर दबाव बनाने व आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। इस मामले में गोवर्धन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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जानकारी के मुताबिक सेक्टर-12 निवासी अशोक (48) दयानंद कॉलोनी में किराये पर दुकान लेकर रद्दी का काम कर रहा था। शनिवार को सुबह जब लोगों ने गोदाम में देखा तो वह फांसी पर लटका हुआ मिला। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे फंदे से उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अशोक की जेब से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था कि वह पिछले पांच साल से कबाड़ी का काम कर रहा है।
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एक दिन उसकी मुलाकात गोवर्धन पेठे वाले से हुई। उसने कहा कि तू मेरे साथ काम कर ले। उसकी इस बात पर वह भी राजी हो गया। हमने एक साल काम किया। जिसके बाद गोवर्धन ने व्यापार में लगाया अपना सारा पैसा वापस ले लिया। इस काम में गोवर्धन ने चार लाख के करीब रुपये कमाये। उसके पास कुछ नहीं बचा था। गोवर्धन ने फिर उस छह लाख रुपये दे दिये और कहा कि तू दुकान का किराया व पैसों का ब्याज देते रहना। वह दुकान का किराया व ब्याज समय पर दे रहा था, लेकिन इस बार वह पैसे नहीं दे पाया और गोवर्धन उस पर पैसे के लिए दबाव बना रहा था। जिसके कारण उसने तनाव में आकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर गोदाम मालिक गोवर्धन के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
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जांच अधिकारी रामकिशन ने बताया कि अशोक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने पैसे के लेन देन जिक्र किया है। उसने गोवर्धन पेठे पर पैसे के लेन देन को लेकर दबाव बनाने व आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। इस मामले में गोवर्धन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।