{"_id":"5a4e39ce4f1c1bd5178b4df1","slug":"farmer-commits-suicide-in-sangrur-punjab-crime-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्ज माफी की सूची में नहीं आया नाम, परेशान किसान ने निगला जहर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कर्ज माफी की सूची में नहीं आया नाम, परेशान किसान ने निगला जहर
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर(पंजाब)
Updated Fri, 05 Jan 2018 09:50 AM IST
विज्ञापन
किसान सिकंदर सिंह की फाइल फोटो।
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संगरूर जिले के गांव रोड़ेवाला के एक किसान ने बुधवार रात जहर खाकर खुदकुशी कर ली। किसान का नाम राज्य सरकार की ओर से जारी कर्ज माफी की सूची में नहीं आया था। इससे आहत होकर उसने यह कदम उठाया।
गांव रोड़ेवाल के सरपंच जसपाल सिंह ने बताया कि उनके गांव के किसान सिकंदर सिंह (43) पर करीब सात-आठ लाख रुपये का कर्ज था। महज दो एकड़ का मालिक सिकंदर सिंह कम जमीन और आर्थिक तंगी के कारण कर्ज लौटाने में असमर्थ था।
राज्य सरकार की ओर से किसानों के कर्ज माफी के वादे के बाद सिकंदर सिंह को कर्ज माफ होने की उम्मीद बंधी थी लेकिन जब सरकार ने कर्ज माफी संबंधी सूची जारी की तो उसमें उसका नाम नहीं था। इसका पता चलने पर किसान सिकंदर सिंह इतना परेशान हो गया कि उसने बुधवार रात जहर निगल लिया। इससे उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के नेता गुरदीप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार चुनाव के समय किए वादे से भाग रही है। ऐसे हालात में किसानों के आगे कुआं पीछे खाई वाली स्थिति बन गई है। कर्ज तले दबे किसान राज्य सरकार से कर्ज माफी की उम्मीद लगाए बैठे थे।
गांव रोड़ेवा के किसान सिकंदर सिंह ने भी यही उम्मीद लगाई थी लेकिन उसका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार मृत किसान का सारा कर्ज माफ करे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे।
विज्ञापन
गांव रोड़ेवाल के सरपंच जसपाल सिंह ने बताया कि उनके गांव के किसान सिकंदर सिंह (43) पर करीब सात-आठ लाख रुपये का कर्ज था। महज दो एकड़ का मालिक सिकंदर सिंह कम जमीन और आर्थिक तंगी के कारण कर्ज लौटाने में असमर्थ था।
विज्ञापन
राज्य सरकार की ओर से किसानों के कर्ज माफी के वादे के बाद सिकंदर सिंह को कर्ज माफ होने की उम्मीद बंधी थी लेकिन जब सरकार ने कर्ज माफी संबंधी सूची जारी की तो उसमें उसका नाम नहीं था। इसका पता चलने पर किसान सिकंदर सिंह इतना परेशान हो गया कि उसने बुधवार रात जहर निगल लिया। इससे उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के नेता गुरदीप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार चुनाव के समय किए वादे से भाग रही है। ऐसे हालात में किसानों के आगे कुआं पीछे खाई वाली स्थिति बन गई है। कर्ज तले दबे किसान राज्य सरकार से कर्ज माफी की उम्मीद लगाए बैठे थे।
गांव रोड़ेवा के किसान सिकंदर सिंह ने भी यही उम्मीद लगाई थी लेकिन उसका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार मृत किसान का सारा कर्ज माफ करे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे।