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नोटबंदी: कैश न मिलने पर बैंक में किसान ने दी जान देने की कोशिश
ब्यूरो/अमर उजाला, खोल
Updated Fri, 25 Nov 2016 09:03 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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नांगल-मूंदी स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से कैश नहीं मिलने से परेशान एक किसान ने बैंक के शटर पर फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों ने किसान को ऐसा करने से रोक दिया। इसके बाद शाम को कैश खत्म होने की सूचना मिलते ही गुस्साए उपभोक्ताओं ने बैंक का शटर भी डाउन कर दिया। उसे बाद में खुलवाया गया। परेशान खाताधारकों को कहना है कि चार दिन से लोगों की कॉपी बैंक में जमा है लेकिन हर रोज शाम को सुनने को मिलता है कैश आएगा तब देंगे।
देहलावास निवासी रघुवीर बुधवार को नांगल-मूंदी स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में पैसे निकलवाने आया। पैसे नहीं मिलने से नाराज किसान ने शटर पर कपड़े का फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। वहां मौजूद लोगों ने मुश्किल से रोका। वहीं बैंक में मौजूद उपभोक्ता निशा कुमारी देहलावास और कृष्ण ने बताया कि तीन दिन पूर्व बैंक में रुपये लेने के लिए कॉपी जमा की थी। तीन दिन से रोज सुबह बैंक आते हैं और बिना रुपये लिए ही शाम को लौट जाते हैं।
यह स्थिति केवल उनके नहीं बल्कि अधिकांश उपभोक्ताओं के साथ हो रहा है। उन्होंने बताया कि वे खेती करते हैं। मजदूरों के रुपये देने हैं। उनके पास रुपये नहीं है और बैंक कर्मचारी शाम को कह देते हैं कि कैश खत्म हो गया है। जब कॉपी जमा है तो पहले उनको कैश मिलना चाहिए। लोगों का यह भी आरोप है कि जब बैंक के असिस्टेंट मैनेजर से बात की जाती है तो वह बाहर बैठने को कह देते हैं। पूरे दिन बैंक के बाहर बैठे रहते हैं, लेकिन बैंक कर्मचारियों को रवैया नहीं बदला। परेशान उपभोक्ताओं ने बैंक का शटर भी डाउन कर दिया।
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देहलावास निवासी रघुवीर बुधवार को नांगल-मूंदी स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में पैसे निकलवाने आया। पैसे नहीं मिलने से नाराज किसान ने शटर पर कपड़े का फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। वहां मौजूद लोगों ने मुश्किल से रोका। वहीं बैंक में मौजूद उपभोक्ता निशा कुमारी देहलावास और कृष्ण ने बताया कि तीन दिन पूर्व बैंक में रुपये लेने के लिए कॉपी जमा की थी। तीन दिन से रोज सुबह बैंक आते हैं और बिना रुपये लिए ही शाम को लौट जाते हैं।
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यह स्थिति केवल उनके नहीं बल्कि अधिकांश उपभोक्ताओं के साथ हो रहा है। उन्होंने बताया कि वे खेती करते हैं। मजदूरों के रुपये देने हैं। उनके पास रुपये नहीं है और बैंक कर्मचारी शाम को कह देते हैं कि कैश खत्म हो गया है। जब कॉपी जमा है तो पहले उनको कैश मिलना चाहिए। लोगों का यह भी आरोप है कि जब बैंक के असिस्टेंट मैनेजर से बात की जाती है तो वह बाहर बैठने को कह देते हैं। पूरे दिन बैंक के बाहर बैठे रहते हैं, लेकिन बैंक कर्मचारियों को रवैया नहीं बदला। परेशान उपभोक्ताओं ने बैंक का शटर भी डाउन कर दिया।
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