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डबल मर्डर केसः गिरफ्तारी से जुड़े तथ्यों को झूठा बताया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 25 Jan 2014 09:38 AM IST
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सेक्टर-41 में हुए भाई-बहन के डबल मर्डर केस में बचाव पक्ष के वकील अमर सिंह चहल ने केस में बहस शुरू की। बहस के पहले दिन उन्होंने हत्यारोपी राहुल की गिरफ्तारी से जुड़े तथ्यों को झूठा बताया।
जिला अदालत में दलीलें रखते हुए उन्होंने कहा कि राहुल को पुलिस द्वारा मुंबई से गिरफ्तार कर शहर लाया गया था। इस संबंध में उन्होंने संबंधित फ्लाइट की पैसेंजर लिस्ट का भी हवाला दिया।
इसके मुताबिक 15 जनवरी, 2011 को चंडीगढ़ पुलिस तीन सदस्यीय टीम मुंबई गई थी और 4 लोग वापस आए थे। वापस आए चौथे शख्स का नाम तेजस लिखा बताया गया।
इसे राहुल की पहचान छीपाने का तरीका बताया गया। सुनवाई के दौरान मृतकों के पिता उमेश कुमार व नाना गोपाल प्रसाद भी मौजूद थे।
वहीं कहा गया कि पुलिस द्वारा वारदात के दौरान कथित रुप से वारदात के दौरान आरोपी को जाते समय देखने वाला अभियोजन पक्ष का गवाह एक पड़ोसी भी अदालत में मुकर चुका है।
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बचाव पक्ष ने आगे कहा कि पुलिस का यह तथ्य भी गलत है कि साहा में राहुल ने अपनी अंगुली की चोट का इलाज एक क्लिनिक में करवाया था।
इस संबंध में पुलिस द्वारा पेश किए गए डाक्टर के रजिस्टर में भी कहीं इलाज के संबंध में एंट्री नहीं दिखा सके। बचाव पक्ष ने पुलिस द्वारा बरामद किए गए चाकू व चाकू की राहुल द्वारा खरीद पर भी सवाल खड़े किए।
मामले में बचाव पक्ष की अग्रिम बहस के लिए 27 जनवरी की तारीख तय हुई है। आरोपी राहुल पर आरोप है कि उसने 16 दिसंबर, 2010 को दोपहर के समय गौरांग व कविता को चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया था।
इसके बाद पुलिस ने उसे 17 जनवरी को अंबाला के पास साहा से गिरफ्तार करने का दावा किया था। हत्या के पीछे राहुल की कविता पर बुरी नियत को जिम्मेदार बताया गया था।
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जिला अदालत में दलीलें रखते हुए उन्होंने कहा कि राहुल को पुलिस द्वारा मुंबई से गिरफ्तार कर शहर लाया गया था। इस संबंध में उन्होंने संबंधित फ्लाइट की पैसेंजर लिस्ट का भी हवाला दिया।
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इसके मुताबिक 15 जनवरी, 2011 को चंडीगढ़ पुलिस तीन सदस्यीय टीम मुंबई गई थी और 4 लोग वापस आए थे। वापस आए चौथे शख्स का नाम तेजस लिखा बताया गया।
इसे राहुल की पहचान छीपाने का तरीका बताया गया। सुनवाई के दौरान मृतकों के पिता उमेश कुमार व नाना गोपाल प्रसाद भी मौजूद थे।
वहीं कहा गया कि पुलिस द्वारा वारदात के दौरान कथित रुप से वारदात के दौरान आरोपी को जाते समय देखने वाला अभियोजन पक्ष का गवाह एक पड़ोसी भी अदालत में मुकर चुका है।
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बचाव पक्ष ने आगे कहा कि पुलिस का यह तथ्य भी गलत है कि साहा में राहुल ने अपनी अंगुली की चोट का इलाज एक क्लिनिक में करवाया था।
इस संबंध में पुलिस द्वारा पेश किए गए डाक्टर के रजिस्टर में भी कहीं इलाज के संबंध में एंट्री नहीं दिखा सके। बचाव पक्ष ने पुलिस द्वारा बरामद किए गए चाकू व चाकू की राहुल द्वारा खरीद पर भी सवाल खड़े किए।
मामले में बचाव पक्ष की अग्रिम बहस के लिए 27 जनवरी की तारीख तय हुई है। आरोपी राहुल पर आरोप है कि उसने 16 दिसंबर, 2010 को दोपहर के समय गौरांग व कविता को चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया था।
इसके बाद पुलिस ने उसे 17 जनवरी को अंबाला के पास साहा से गिरफ्तार करने का दावा किया था। हत्या के पीछे राहुल की कविता पर बुरी नियत को जिम्मेदार बताया गया था।