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लिफाफे में बंद मिला विस्फोटक, फैली दहशत
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट/गुरदासपुर
Updated Sun, 15 Jun 2014 07:51 PM IST
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गांव बुंगल में छप्पड़ की सफाई के दौरान टैंक के चार गोले मिलने से सनसनी फैल गई है। सेना की टीम ने सुरक्षा के बीच रविवार को चारों गोलों को कब्जे में लेकर निष्क्रिय कर दिया। विस्फोटक कहां से आया इसके बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है।
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बुंगल स्थित पानी के छप्पड़ की सफाई का काम चल रहा था। सुबह 9.30 बजे सफाई में लगे ग्रामीण छप्पड़ के पत्थर ठीक तरह से लगा रहे थे। इस दौरान छप्पड़ से लिफाफे में लोहे की चीज टकराने की आवाज सुनाई दी।
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लिफाफा खोलकर देखा गया तो उसमें टैंक के चार गोले पड़े हुए थे। उन्हें देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही ममून पुलिस मौके पर पहुंची और गोलों को तुरंत बोरियों से कवर कर दिया।
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सेना को तुरंत इसकी सूचना दी गई। सेना की 68 इंजीनियरिंग रेजीमेंट के कैप्टन वाईएम सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की। रविवार सुबह सेना के बम निरोधक दस्ते ने विस्फोटक पदार्थों को उठाकर पठानकोट के चक्की पुल स्थित सेना की फायरिंग रेंज तक पहुंचाया।
जहां सावधानीपूर्वक चारों विस्फोटकों को निष्क्रिय कर दिया गया। इस क्षेत्र से ममून छावनी लगती हुई है। गोले मिलने से सेना के कान भी खड़े हो गए हैं। फिलहाल विस्फोटक आया कहां से उसके बारे में पता नहीं चल पाया है।
बताया जा रहा है कि अक्सर कबाड़ी का काम करने वाले इन्हें सेना के प्रेक्टिस ग्राउंड से उठाकर ले आते हैं। संभावना है कि सक्रिय होने के कारण वह डर के मारे वहां फेंककर चले गए होंगे।
ममून पुलिस थाने के एएसआई हरजिंद्र सिंह ने बताया कि लिफाफे में तोप व टैंक में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक कहां से आए इसकी जांच चल रही है।