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पीयू में प्रदर्शनीः स्टूडेंट्स ने जाना, आपदा को कैसे टाल सकते हैं
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 07 Jul 2016 10:16 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी के फाइन आर्ट्स विभाग में आयोजित प्रदर्शनी देखती छात्रा।
- फोटो : अमर उजाला
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आग, बाढ़, भूकंप जैसी आपदा के समय जान माल का नुकसान कम हो, इसे ध्यान में रखते हुए पंजाबी यूनिवर्सिटी में ‘डिजास्टर रिस्क एसेसमेंट ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी’ नामक प्रदर्शनी लगाई गई। इसका आयोजन चितकारा यूनिवर्सिटी ने पंजाब यूनिवर्सिटी के सहयोग किया। प्रदर्शनी में पंजाब यूनिवर्सिटी की छह बिल्डिंग्स एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, डिपार्टमेंट ऑफ गांधीयन स्टडी, स्टूडेंट सेंटर, एसी जोशी लाइब्रेरी, यूनिवर्सिटी आर्ट्स कॉलेज और गर्ल्स होस्टल को शामिल किया गया। इन इमारतों में प्राकृतिक आपदाओं के अलावा अन्य क्या खतरे हो सकते हैं, के बारे में भी बताया गया।
चितकारा में रिस्क मैनेजमेंट की प्रो. नियति जिज्ञासु ने बताया कि चितकारा के बी आर्किटेक्चर के आठवें सेमेस्टर के 100 छात्रों ने डिजास्टर रिस्क की दो दिन की वर्कशॉप में भाग लिया था। जहां उन्होंने यूनिवर्सिटी की सभी इमारतें देखीं और जिन स्थानों पर सबसे अधिक भीड़ होती है, वहां आपदाओं से बचाने के लिए क्या-क्या होना चाहिए, इस पर काम किया। इस प्रोजेक्ट का निर्देशन चितकारा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की प्रो. नियति जिज्ञासु सहित एसोसिएट प्रो. कनिका बंसल और असिस्टेंट प्रो. परमिंदर कौर ने किया। प्रदर्शनी के बाद मॉक ड्रिल के जरिये लोगों को फायर इक्यूपमेंट का इस्तेमाल करना सिखाया गया।
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चितकारा में रिस्क मैनेजमेंट की प्रो. नियति जिज्ञासु ने बताया कि चितकारा के बी आर्किटेक्चर के आठवें सेमेस्टर के 100 छात्रों ने डिजास्टर रिस्क की दो दिन की वर्कशॉप में भाग लिया था। जहां उन्होंने यूनिवर्सिटी की सभी इमारतें देखीं और जिन स्थानों पर सबसे अधिक भीड़ होती है, वहां आपदाओं से बचाने के लिए क्या-क्या होना चाहिए, इस पर काम किया। इस प्रोजेक्ट का निर्देशन चितकारा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की प्रो. नियति जिज्ञासु सहित एसोसिएट प्रो. कनिका बंसल और असिस्टेंट प्रो. परमिंदर कौर ने किया। प्रदर्शनी के बाद मॉक ड्रिल के जरिये लोगों को फायर इक्यूपमेंट का इस्तेमाल करना सिखाया गया।
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