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एक अभागे बाप की दर्दनाक कहानी- पैसे नहीं हैं, हाथ जोड़ता हूं बेटे की लाश दे दो

Thu, 04 May 2017 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा) Updated Thu, 04 May 2017 09:37 AM IST
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emotional story of a father, who have no money for son postmartum
बेटे का पोस्टमार्टम कराने के लिए पैसे नहीं
पैसे नहीं हैं, हाथ जोड़ता हूं बेटे की लाश दे दो- कहते कहते बाप बेसुध हो गया। इस अभागे बाप की दर्दनाक कहानी रुला देगी आपको। घटना हरियाणा के पानीपत की है। शनि मंदिर के पास नहर में डूबने से 29 अप्रैल को 15 साल के किशोर की मौत हो गई थी। मंगलवार को पोस्टमार्टम के लिए लाश को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया।
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मगर पीड़ित पिता ने रोते हुए कहा कि मेरे पास तो दो वक्त की रोटी खाने को रुपए नहीं है। मैं कैसे रोहतक जाऊं। क्या अपना खून बेच दूं। हमें किसी पर कोई शक नहीं है। बिना पोस्टमार्टम के ही हमारे बेटे का हमें सौंप दो लोगों ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नवीन सुनेजा से बातचीत की।
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सरकारी खर्च पर एंबुलेंस मुहैया नहीं हुई तो बाद में साथ आए लोगों ने चंदा जुटाया। इसके बाद एंबुलेंस से शव को रोहतक पीजीआई ले जाया गया। आरोप है कि एंबुलेंस वाले ने पिता से 3500 रुपए ले लिए।
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एक्सपर्ट नहीं होने से परेशानी
सिविल अस्पताल में फोरेंसिक एक्सपर्ट नहीं होने के कारण परेशानी होती है। नहर होने की वजह से यहां पर आए दिन गले-सड़े शव मिलते हैं। एक्सपर्ट नहीं होने के कारण डॉक्टर शव को रोहतक रेफर कर देते हैं।


हाथ धोने गया था पारस
गुरुनानक पुरा कच्चा कैंप निवासी राजेंद्र ने बताया कि उसका 15 वर्षीय बेटा पारस शनि मंदिर में सेवा करता था। 29 अप्रैल को वह नहर में हाथ-मुंह धोने के लिए गया था। पैर फिसलने से वह नहर में गिर गया था।

 
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