Faridkot News: 20 लाख रिश्वत मामले में DSP सुशील कुमार गिरफ्तार, एसपी और एसआई समेत चार की तलाश
शिकायतकर्ता बाबा गगन दास के पैरवी करने पर आईजी फरीदकोट प्रदीप कुमार यादव ने जांच के लिए नई एसआईटी बना दी, जिसमें फरीदकोट के एसपी गगनेश कुमार, डीएसपी सुशील कुमार, आईजी दफ्तर के एसआई खेमचंद पराशर को शामिल किया। इन्होंने आईजी के नाम पर शिकायतकर्ता को डरा धमकाकर 50 लाख रुपये की मांग करनी शुरू कर दी।
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फरीदकोट जिले के बहुचर्चित बाबा दयालदास हत्याकांड में 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और 35 लाख में सौदाकर 20 लाख रुपये की वसूली करने के मामले में नामजद तत्कालीन डीएसपी फरीदकोट सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह मौजूदा समय में आईबीआर लुधियाना में तैनात थे। सुशील कुमार को गुरुवार को फरीदकोट की अदालत में पेश किया जाएगा। डीएसपी के परिवार के सदस्यों का कहना है कि सुशील कुमार को विजिलेंस ने जांच में शामिल होने फिरोजपुर दफ्तर में बुलाया था और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार 7 नवंबर 2019 को गांव कोटसुखिया स्थित डेरा बाबा हरका दास के प्रमुख बाबा दयाल दास की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना वाले दिन ही थाना सदर कोटकपूरा पुलिस ने मृतक के गुरु भाई बाबा गगनदास की शिकायत पर मोगा के गांव कपूरे निवासी संत जरनैल दास व अज्ञात पर केस दर्ज किया था, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों समेत अन्य सहयोगियों को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन मुख्य आरोपी जनरैल दास को एक जांच रिपोर्ट के आधार पर क्लीन चिट दे दी।
इसके बाद मामले के शिकायतकर्ता बाबा गगन दास के पैरवी करने पर आईजी फरीदकोट प्रदीप कुमार यादव ने जांच के लिए नई एसआईटी बना दी, जिसमें फरीदकोट के एसपी गगनेश कुमार, डीएसपी सुशील कुमार, आईजी दफ्तर के एसआई खेमचंद पराशर को शामिल किया। इन्होंने आईजी के नाम पर शिकायतकर्ता को डरा धमकाकर 50 लाख रुपये की मांग करनी शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों ने तर्क दिया कि जनरैल दास ने खुद को बेकसूर साबित करवाने के लिए तत्कालीन डीआईजी फरीदकोट सुरजीत सिंह को एक करोड़ की रिश्वत दी थी। अब उसे फिर से केस में नामजद करने के लिए शिकायतकर्ता उन्हें पैसे दे। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने बाबा गगन दास से 35 लाख रुपये सौदा कर लिया, जिसमें से 20 लाख की वसूली भी कर ली और तीनों पुलिस अधिकारियों के रिश्वत वसूलने के काम में गोशाला सिखांवाला के प्रमुख बाबा मलकीत दास व फरीदकोट के जसविंदर सिंह जस्सी ठेकेदार ने भी साथ दिया।
रिश्वत देने के बाद भी नहीं हुआ काम
रिश्वत देने के बाद भी जब गगन दास को न्याय न मिला तो उसने डीजीपी पंजाब को शिकायत कर दी। डीजीपी ने डीआईजी फिरोजपुर रेंज की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर पूरे मामले की जांच करवाई, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने के बाद 2 जून को थाना सदर कोटकपूरा में रिश्वत वसूलने के आरोप में एसपी गगनेश कुमार, डीएसपी सुशील कुमार, एसआई खेमचंद पराशर समेत बाकी दोनों सहयोगियों को नामजद किया और डीजीपी की हिदायत पर केस की जांच विजिलेंस को सौंप दी। मालूम हो इन पांचों आरोपियों की जिला अदालत से अग्रिम जमानतें भी रद्द हो चुकी हैं, जबकि दो आरोपियों खेमचंद पराशर व मलकीत दास की जमानत याचिकाएं उच्च न्यायालय भी रद्द कर चुका है।