डबल मर्डरः ज्योतिसर में डेरा महंत और उनकी बेटी की हत्या
कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में उस समय सनसनी फैल गई, जब सीता-राम डेरे के महंत और उनकी गोद ली गई विवाहिता बेटी के शव कमरे में मिले। युवती का गला घोंटा गया था और महंत के सिर पर चोट के निशान थे। दोनों के शव नग्न हालत में आश्रम के कमरे में मिले। दोनों के शवों के पास ही युवती का चार माह का बेटा रोता हुआ मिला।
सुबह आश्रम का सेवक चाय लेकर गया तो दोहरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। थाना केयूके प्रभारी और काफी संख्या में पुलिस बल के साथ ही ज्योतिसर के सैकड़ों ग्रामीण भी आश्रम में पहुंच गए।
कमरे के अंदर सारा सामान बिखरा मिला। इससे लूट की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
बेटी की गला घोंट कर हत्या, महंत के सिर पर चोट थी
ज्योतिसर पुलिस चौकी से महज 150 मीटर दूर स्थित सीता राम आश्रम के महंत जमना दास (90) और उनकी गोद ली गई बेटी राजेंद्र कौर उर्फ सोनिया उर्फ देवा (35) के शव कमरे में मिले। आश्रम में ही रहने वाला एक सेवक जब सुबह चाय लेकर बाबा जमनादास के कक्ष में गया तो वहां दोनों शव देखकर सन्न रह गया। उसके शोर मचाने पर काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए।
चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह, थाना केयूके प्रभारी ओम प्रकाश समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फोरेंसिक टीम ने वहां से साक्ष्य व अन्य सुराग जुटाए। पुलिस के अनुसार महंत नागा साधु समाज से थे, लेकिन उनकी गोद ली गई बेटी का शव भी निर्वस्त्र मिला। महंत का शव बेड पर और सोनिया का शव जमीन पर बिछी दरी पर पड़ा हुआ था। उसका चार माह का बच्चा महंत के शव के पास रोता हुआ मिला।
सोनिया के दोनों हाथ रस्सी से आगे की ओर बंधे हुए थे और उसका गला घोंटा हुआ था। वहीं, महंत के सिर पर चोट के निशान थे। कमरे में सामान भी बिखरा पड़ा था। प्रारंभिक जांच में लग रहा है कि लूट का भी प्रयास किया गया है या फिर लूट का ड्रामा रचा गया है। घटनास्थल पर शराब की बोतल और गिलास भी मिले हैं। संभावना जताई जा रही है कि हत्या में दो या दो से अधिक लोग शामिल हैं।
महंत में गोद ली थी सोनिया, किया था प्रेम विवाह
थाना केयू प्रभारी ने बताया कि सोनिया मूल रूप से थाना झांसा अंतर्गत गांव संतोखपुरा की रहने वाली थी। जब वह करीब 10-11 साल की थी तो उसके पिता बलबीर सिंह ने उसे डेरे में छोड़ दिया था। डेरे में ही अलीगढ़ (यूपी) के गांव अकबरपुर का अमित गो सेवा करता था। अमित और सोनिया में प्रेम हो गया।
वर्ष 2014 में दोनों फरार हो गए और उन्होंने प्रेम विवाह कर लिया था। सोनिया ने 26 सितंबर 2015 को बेटे को जन्म दिया। बाद में उसने महंत के पास आना-जाना शुरू कर दिया। अभी हाल ही में वह 9 जनवरी को डेरे में आई थी जबकि उसका पति अमित अलीगढ़ में ही था।
महंत और उनकी गोद ली गई बेटी की हत्या मामले की जांच के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। युवती से दुराचार हुआ या नहीं, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। मौके से जुटाए साक्ष्य और अन्य सैंपल टेस्ट के लिए एफएसएल मधुबन भेजे जा रहे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। इस मामले में अशोक कुमार निवासी ज्योतिसर के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
-ओमप्रकाश, एसएचओ, थाना केयूके, कुरुक्षेत्र