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चंडीगढ़ः करंट लगने से लाइनमैन की मौत, विभाग की लापरवाही से गई जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 01 Aug 2018 09:44 AM IST
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मृतक की फाइल फोटो
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सेक्टर-19 में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते एक लाइनमैन की करंट लगने से मौत से हो गई। घटना मंगलवार दोपहर करीब 12.20 बजे की है। हादसा उस समय हुआ, जब लाइनमैन सेक्टर-28 निवासी जगदीश चंद (55) बिजली मीटर ठीक करने के लिए सदर बाजार में गए थे।
घटना के बाद आसपास के लोग जमा हो गए। मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस पीसीआर ने उसे जीएमएसएच-16 में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सेक्टर-19 थाना पुलिस ने हादसे के बाद मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
सेक्टर-19 बिजली डिपार्टमेंट को सूचना मिली थी कि सेक्टर-19 के सदर बाजार बूथ नंबर 190 में बिजली गुल है, जिसके बाद बिजली कर्मचारी जगदीश चंद अपने साथी धर्मपाल के साथ वहां पहुंचे। जगदीश चंद वहां पर लगे बिजली मीटर चेक करने लगे।
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इस दौरान करंट के चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। इसके बाद उनके साथी ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आस-पास के लोग जमा हो गए। लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि इतना बढ़ा हादसा कैसे हो गया, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई।
मीटर ठीक करने के लिए चढ़े था छत पर
लाइनमैन धर्मपाल ने बताया कि हम लोग सुबह से ही काम पर निकल जाते हैं। दोपहर को पता चला कि सेक्टर-19 के सदर मार्केट से एक कंप्लेंट आई है कि बूथ नंबर 190 में बिजली गुल है। वह जगदीश के साथ वहां पर पहुंच गए। पहुंचते ही दोनों ने काम शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद जगदीश चंद छत के उपर चढ़ गए, और मीटर को ठीक करने लगे। उसने पूछा कि लाइट आई कि नहीं। इतने में जोरदार आवाज आई, जिसमें शोर होने लगा कि मर-मर गया।
छत पर पड़ी हैं नंगी तारें
जहां पर बिजली मीटर लगा हुआ है, वहां पर आसपास नंगी तारें पड़ी हैं। इससे साफ जाहिर होता है, बिजली डिपार्टमेंट की लापरवाही के वजह से हादसा हुआ है। अगर वहां पर खुली तारें नहीं होतीं तो शायद यह हादसा नहीं होता। मृतक जगदीश पिछले कई साल से बिजली डिपार्टमेंट में बतौर लाइनमैन का काम रहे थे।
वह मूलरूप से हिमाचल के रहने वाला था। हाल में वे सेक्टर-28 स्थित बिजली कॉलोनी में पत्नी बेटा और एक बेटी के साथ रहते थे। घटना के बाद पुलिस ने शव को जीएमएसएच-16 के मोर्चरी में रखवा दिया गया है। शव का बुधवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।
डिपार्टमेंट ने जताया परिजनों का नौकरी का भरोसा
बिजली विभाग की लापरवाही से जगदीश के मौत के बाद अब परिजनों को दिलासा दिया जा रहा है। बिजली विभाग ने भरोसा दिया है कि परिजनों को नौकरी दी जाएगी और उन्हें आर्थिक मदद देकर सहायता भी की जाएगी।
मामला संज्ञान में आने के बाद जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -एमपी सिंह, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर, बिजली विभाग
बेटे को पक्की नौकरी और अन्य लाभ मिले
यूटी पावरमैन यूनियन ने लाइनमैन जगदीश चंद के बेटे को पक्की नौकरी और अन्य बेनिफिट देने की मांग की है। यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी और प्रधान सतपाल ने बताया कि यूनियन की बैठक बुधवार को बुलाई गई है ताकि आगे की रणनीति पर फैसला लिया जा सके। इस मौके पर यूनियन ने विभाग में खाली पड़े पदों को जल्द भरने की भी मांग की है।
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घटना के बाद आसपास के लोग जमा हो गए। मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस पीसीआर ने उसे जीएमएसएच-16 में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सेक्टर-19 थाना पुलिस ने हादसे के बाद मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
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सेक्टर-19 बिजली डिपार्टमेंट को सूचना मिली थी कि सेक्टर-19 के सदर बाजार बूथ नंबर 190 में बिजली गुल है, जिसके बाद बिजली कर्मचारी जगदीश चंद अपने साथी धर्मपाल के साथ वहां पहुंचे। जगदीश चंद वहां पर लगे बिजली मीटर चेक करने लगे।
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इस दौरान करंट के चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। इसके बाद उनके साथी ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आस-पास के लोग जमा हो गए। लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि इतना बढ़ा हादसा कैसे हो गया, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई।
मीटर ठीक करने के लिए चढ़े था छत पर
लाइनमैन धर्मपाल ने बताया कि हम लोग सुबह से ही काम पर निकल जाते हैं। दोपहर को पता चला कि सेक्टर-19 के सदर मार्केट से एक कंप्लेंट आई है कि बूथ नंबर 190 में बिजली गुल है। वह जगदीश के साथ वहां पर पहुंच गए। पहुंचते ही दोनों ने काम शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद जगदीश चंद छत के उपर चढ़ गए, और मीटर को ठीक करने लगे। उसने पूछा कि लाइट आई कि नहीं। इतने में जोरदार आवाज आई, जिसमें शोर होने लगा कि मर-मर गया।
छत पर पड़ी हैं नंगी तारें
जहां पर बिजली मीटर लगा हुआ है, वहां पर आसपास नंगी तारें पड़ी हैं। इससे साफ जाहिर होता है, बिजली डिपार्टमेंट की लापरवाही के वजह से हादसा हुआ है। अगर वहां पर खुली तारें नहीं होतीं तो शायद यह हादसा नहीं होता। मृतक जगदीश पिछले कई साल से बिजली डिपार्टमेंट में बतौर लाइनमैन का काम रहे थे।
वह मूलरूप से हिमाचल के रहने वाला था। हाल में वे सेक्टर-28 स्थित बिजली कॉलोनी में पत्नी बेटा और एक बेटी के साथ रहते थे। घटना के बाद पुलिस ने शव को जीएमएसएच-16 के मोर्चरी में रखवा दिया गया है। शव का बुधवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।
डिपार्टमेंट ने जताया परिजनों का नौकरी का भरोसा
बिजली विभाग की लापरवाही से जगदीश के मौत के बाद अब परिजनों को दिलासा दिया जा रहा है। बिजली विभाग ने भरोसा दिया है कि परिजनों को नौकरी दी जाएगी और उन्हें आर्थिक मदद देकर सहायता भी की जाएगी।
मामला संज्ञान में आने के बाद जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -एमपी सिंह, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर, बिजली विभाग
बेटे को पक्की नौकरी और अन्य लाभ मिले
यूटी पावरमैन यूनियन ने लाइनमैन जगदीश चंद के बेटे को पक्की नौकरी और अन्य बेनिफिट देने की मांग की है। यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी और प्रधान सतपाल ने बताया कि यूनियन की बैठक बुधवार को बुलाई गई है ताकि आगे की रणनीति पर फैसला लिया जा सके। इस मौके पर यूनियन ने विभाग में खाली पड़े पदों को जल्द भरने की भी मांग की है।