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अबोहरः डेढ़ महीने से लापता 12 साल के अरमान संधू का गला सड़ा शव मिला, दो आरोपी गिरफ्तार
Sat, 23 Nov 2019 12:52 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अबोहर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अबोहर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 23 Nov 2019 12:52 AM IST
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मृतक की फाइल फोटो
17 अक्तूबर को शाम छह बजे नई आबादी गली नंबर 19 स्थित अपने घर के बाहर से लापता हुए 12 साल के अरमान संधू का गला सड़ा शव बरामद हुआ। वहीं मामले में सनसनीखेज खुलासा भी हुआ है। इस मामले में पकड़े गए दोनों आरोपी अरमान के पिता के ही जानकार निकले। पूरा दिन वे बच्चे को खोजने में परिवार की मदद का दिखावा करते रहते और इसके बाद फेसबुक के जरिये 2 करोड़ की फिरौती मांगते थे।
उन्होंने अरमान की हत्या उसके अपहरण के दो दिन बाद ही कर दी थी। आरोपियों की निशानदेही पर शुक्रवार को मलोट रोड ओवर ब्रिज के पास झाड़ियों से बच्चे का शव बरामद किया गया। उसके हाथ-पैर बांधे हुए थे। फेसबुक के शीर्ष तकनीकी अधिकारियों की मदद से ही दोनों आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी मिली।
एसएसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सुनील कुमार उर्फ शीलू वासी अजीमगढ़ और पवन कुमार उर्फ अंकी निवासी अजीमगढ़ का फाइनेंसर बलजिंदर के घर आना-जाना था। सुनील का बलजिंदर के साथ 35 लाख का लेन-देन था। इसी कारण दोनों ने अरमान के अपहरण की योजना तैयार की। 17 अक्तूबर को अरमान को मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनील शहर की ओर ले गया। वहां से पवन अरमान को कार में बैठाकर सीतो रोड स्थित एक किराए के मकान में ले गया।
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आरोपियों ने बच्चे को बांधकर रख दिया। चिल्लाने पर उसे नशे के टीके लगाए गए। आरोपियों ने बच्चे की कई फोटो खींचे और वीडियो बनाए। इन तस्वीरों पर आरोपियों अरमान से साइन करवा लिए। इसके बाद आरोपियों ने 19-20 अक्तूबर की रात को अरमान का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और उसके शव को मलोट रोड फ्लाईओवर के पास झाड़ियों छिपा दिया। इसके बाद फेसबुक के जरिये उसके पिता को बच्चे की साइन की फोटो भेजकर दो करोड़ की फिरौती मांगते रहे।
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उन्होंने अरमान की हत्या उसके अपहरण के दो दिन बाद ही कर दी थी। आरोपियों की निशानदेही पर शुक्रवार को मलोट रोड ओवर ब्रिज के पास झाड़ियों से बच्चे का शव बरामद किया गया। उसके हाथ-पैर बांधे हुए थे। फेसबुक के शीर्ष तकनीकी अधिकारियों की मदद से ही दोनों आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी मिली।
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एसएसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सुनील कुमार उर्फ शीलू वासी अजीमगढ़ और पवन कुमार उर्फ अंकी निवासी अजीमगढ़ का फाइनेंसर बलजिंदर के घर आना-जाना था। सुनील का बलजिंदर के साथ 35 लाख का लेन-देन था। इसी कारण दोनों ने अरमान के अपहरण की योजना तैयार की। 17 अक्तूबर को अरमान को मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनील शहर की ओर ले गया। वहां से पवन अरमान को कार में बैठाकर सीतो रोड स्थित एक किराए के मकान में ले गया।
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आरोपियों ने बच्चे को बांधकर रख दिया। चिल्लाने पर उसे नशे के टीके लगाए गए। आरोपियों ने बच्चे की कई फोटो खींचे और वीडियो बनाए। इन तस्वीरों पर आरोपियों अरमान से साइन करवा लिए। इसके बाद आरोपियों ने 19-20 अक्तूबर की रात को अरमान का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और उसके शव को मलोट रोड फ्लाईओवर के पास झाड़ियों छिपा दिया। इसके बाद फेसबुक के जरिये उसके पिता को बच्चे की साइन की फोटो भेजकर दो करोड़ की फिरौती मांगते रहे।
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ऐसे किया गिरफ्तार
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने में फेसबुक के शीर्ष तकनीकी अधिकारियों का सहयोग लिया। इसी दौरान जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि बलजिंदर का सुनील के साथ करीब 35 लाख का लेन-देन है। इसके बाद सुनील और उसके दोस्त को 21 नवंबर को आलमगढ़ बाईपास से सुनील और पवन को गिरफ्तार कर लिया। वे उस वक्त कार में थे। कार की तलाशी के दौरान मिले एक मोबाइल में अरमान की फोटो और कुछ मैसेज भी मिले। इससे पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया। सुनील इलेक्ट्रॉनिक में डिप्लोमा होल्डर है।
सेब की पेटी में भेजी थी 2 करोड़ की फिरौती की चिट्ठी
अरमान संधू हत्याकांड में एसएसपी भूपेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कई खुलासे किए। उन्होंने बताया कि तीन नवंबर को आरोपियों ने सेब की पेटी पर अरमान के पिता बलजिंदर संधू का पता लिखकर रिक्शे के माध्यम से उसे उनके घर भेजा। पेटी खोलने पर उसमें दो ईंटों के नीचे रखा एक पत्र मिला जिसमें एक फेसबुक आईडी के माध्यम से 2 करोड़ की फिरौती मांगी गई।
इसके बाद आरोपी उसी फेसबुक आईडी के माध्यम से परिवार को विभिन्न स्थानों पर फिरौती की रकम देने के लिए बुलाते रहे। बलजिंदर के साथ रहने के कारण आरोपियों को यह भी पता था कि वह जो मैसेज वे भेजते हैं, पुलिस को बता दिए जाते हैं। इसी के चलते आरोपी बार-बार परिवार को चकमा देते रहे।
परिवार से पूरी हमदर्दी जताते रहे आरोपी
आरोपियों ने 17 अक्तूबर को अरमान को अगवा करने के बाद 19 को उसकी हत्या कर दी और शव झाड़ियों में दफना दिया। इसके बाद आरोपी अरमान के माता-पिता के साथ पूरी हमदर्दी जताते रहे। वे हर रोज बलजिंदर के घर जाकर उसे ढांढस बंधाते। अरमान के परिजनों की ओर से दो बार लगाए गए धरने में भी आरोपी प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने में सबसे आगे थे। वे धरना देने वालों को पानी भी पिलाते थे।
सेब की पेटी में भेजी थी 2 करोड़ की फिरौती की चिट्ठी
अरमान संधू हत्याकांड में एसएसपी भूपेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कई खुलासे किए। उन्होंने बताया कि तीन नवंबर को आरोपियों ने सेब की पेटी पर अरमान के पिता बलजिंदर संधू का पता लिखकर रिक्शे के माध्यम से उसे उनके घर भेजा। पेटी खोलने पर उसमें दो ईंटों के नीचे रखा एक पत्र मिला जिसमें एक फेसबुक आईडी के माध्यम से 2 करोड़ की फिरौती मांगी गई।
इसके बाद आरोपी उसी फेसबुक आईडी के माध्यम से परिवार को विभिन्न स्थानों पर फिरौती की रकम देने के लिए बुलाते रहे। बलजिंदर के साथ रहने के कारण आरोपियों को यह भी पता था कि वह जो मैसेज वे भेजते हैं, पुलिस को बता दिए जाते हैं। इसी के चलते आरोपी बार-बार परिवार को चकमा देते रहे।
परिवार से पूरी हमदर्दी जताते रहे आरोपी
आरोपियों ने 17 अक्तूबर को अरमान को अगवा करने के बाद 19 को उसकी हत्या कर दी और शव झाड़ियों में दफना दिया। इसके बाद आरोपी अरमान के माता-पिता के साथ पूरी हमदर्दी जताते रहे। वे हर रोज बलजिंदर के घर जाकर उसे ढांढस बंधाते। अरमान के परिजनों की ओर से दो बार लगाए गए धरने में भी आरोपी प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने में सबसे आगे थे। वे धरना देने वालों को पानी भी पिलाते थे।