{"_id":"62f8036fbdeeb54f2775fd1a","slug":"dairy-farmers-in-punjab-announced-to-protest-on-august-24-due-to-economic-package-was-not-implemented","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: डेयरी किसानों में आर्थिक पैकेज लागू न होने पर रोष, 24 को धरना देने का एलान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
Punjab: डेयरी किसानों में आर्थिक पैकेज लागू न होने पर रोष, 24 को धरना देने का एलान
Sun, 14 Aug 2022 01:33 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 14 Aug 2022 01:33 AM IST
सार
किसानों ने 24 को लुधियाना में वेरका प्लांट पर धरना देने का एलान किया है। प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन का कहना है कि मुख्यमंत्री और मंत्री मिलने का समय तक नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
धरना प्रदर्शन, सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पंजाब के डेयरी और पशुपालक किसानों ने सरकार की ओर से घोषित आर्थिक पैकेज को लागू न किए जाने का विरोध किया है। डेयरी किसानों का आरोप है कि वह अपनी मांगों के लिए बीते तीन माह से सरकार से बातचीत के लिए समय मांग रहे हैं, लेकिन न तो मुख्यमंत्री और न ही वित्त मंत्री हरपाल चीमा, डेयरी किसानों से बातचीत को तैयार हैं। डेयरी किसानों ने सरकार के खिलाफ फिर से मोर्चा खोलने का एलान करते हुए 24 अगस्त को लुधियाना के वेरका प्लांट पर धरना देने का फैसला किया है।
विज्ञापन
पंजाब के डेयरी किसानों की संस्था प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन (पीडीएफए) के अध्यक्ष दलजीत सिंह सदरपुरा ने शनिवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में बुलाए संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पंजाब के डेयरी किसानों को नई सरकार से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार बनने के बाद डेयरी किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बड़ी समस्या यह है कि कोई भी जिम्मेदार मंत्री या मुख्यमंत्री डेयरी किसानों की समस्या सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन माह पहले जब पंजाब के हजारों डेयरी किसान आर्थिक मदद की मांग लेकर मोहाली की सड़कों पर उतरे तो वित्त मंत्री हरपाल चीमा और पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने पीडीएफए के प्रतिनिधियों से बैठक कर 55 रुपये प्रति किलो फैट बढ़ाने की घोषणा की थी।
विज्ञापन
इसमें से 20 रुपये प्रति किलो फैट का पैसा मिल्कफेड की ओर से दिया जाना था, जो 21 मई को लागू किया गया। लेकिन दूध की कीमत में 35 रुपये प्रति किलो फैट का भुगतान सरकार ने करना था, जिसमें लगातार देरी की जा रही है। सदरपुरा ने कहा कि मंत्रियों ने इस वृद्धि को बजट सत्र के दौरान मंजूरी भी दिलाई, लेकिन दुर्भाग्य से 35 रुपये प्रति किलो फैट की वृद्धि अब तक लागू नहीं की जा सकी।
उन्होंने कहा कि सरकार को राज्य के डेयरी उद्योग को बचाने के लिए अपनी पिछली घोषणाओं को लागू करना चाहिए और मृत गायों के लिए पशु पालकों को मुआवजा देना चाहिए। प्रेस कांफ्रेंस में पीडीएफए के प्रेस सचिव रेशम सिंह भुल्लर, राजपाल सिंह कुलार, रणजीत सिंह लागेआना, सुखजिंदर सिंह, सुखदेव सिंह बरोली, परमिंदर सिंह घुडानी, अमरिंदर सिंह बल्ल, सिकंदर सिंह पटियाला, कुलदीप सिंह शेरों, बलविंदर सिंह मुक्तसर, बलजिंदर सिंह सठियाला, मनजीत सिंह मोही, सुखराज सिंह गुड़े, सतिंदर सिंह, हरदीप सिंह, करमजीत सिंह, दर्शन सिंह, गुरबख्श सिंह, अवतार सिंह थापला, गीतिंदर सिंह, सुखदीप सिंह, सुरजीत कुमार भी उपस्थित थे।