{"_id":"9834bb2bcd4152df0efde6e8eea948ea","slug":"cylinder-blast-in-chandigarh-factory-owners-arrested-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिलेंडर ब्लास्ट: दोनों फैक्टरी मालिक गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सिलेंडर ब्लास्ट: दोनों फैक्टरी मालिक गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 Feb 2016 11:55 PM IST
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इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित फैक्ट्री में बुधवार को सिलेंडर ब्लास्ट मामले में फैक्टरी के दोनों मालिकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, दोनों ने थाने से ही जमानत ले ली। वहीं, पीड़ित परिजनों ने 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
आज होगा संस्कार
धमेंद्र ने बताया कि उनकी पूरी फैमली चंडीगढ़ पहुंची नहीं है। इसी कारण पोस्टमार्टम भी नहीं करवाया गया। उन्होंने बताया कि वीरवार देर शाम कर परिवार के सदस्य चंडीगढ़ पहुंच जाएंगे। इसके बाद शुक्रवार को पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार भी किया जाएगा।
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यह है मामला
इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1 स्थित सुपर एजेंसी में गैस भरते समय सिलेंडर ब्लास्ट होने से मजदूर मोंटी की मौत हो गई। जबकि, हादसे में देवेंदर और लालमुनि गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के वक्त मौके पर मौजूद गनेश नाम का मजदूर बाल-बाल बचकर बाहर निकल आया था। उसकी पीठ झुलस गई थी।
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पुलिस के अनुसार आरोपी हादसे की जांच के बाद दोनों फैक्टरी मालिक राकेश गुप्ता और राकेश अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस मामले की पूरी जांच में लगी है। वहीं, दूसरी ओर मृतक मोंटी के छोटे भाई धर्मेंद्र ने बताया कि उन्होंने 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग रखी गई है। उसने बताया कि परिवार और बच्चों की देखभाल के लिए फैक्टरी पूरा मुआवजा जमा करे।
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आज होगा संस्कार
धमेंद्र ने बताया कि उनकी पूरी फैमली चंडीगढ़ पहुंची नहीं है। इसी कारण पोस्टमार्टम भी नहीं करवाया गया। उन्होंने बताया कि वीरवार देर शाम कर परिवार के सदस्य चंडीगढ़ पहुंच जाएंगे। इसके बाद शुक्रवार को पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार भी किया जाएगा।
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यह है मामला
इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1 स्थित सुपर एजेंसी में गैस भरते समय सिलेंडर ब्लास्ट होने से मजदूर मोंटी की मौत हो गई। जबकि, हादसे में देवेंदर और लालमुनि गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के वक्त मौके पर मौजूद गनेश नाम का मजदूर बाल-बाल बचकर बाहर निकल आया था। उसकी पीठ झुलस गई थी।