अंबाला: दोस्त संग सीआरपीएफ जवान गिरफ्तार, छह किलो 280 ग्राम अफीम भी बरामद
- एसटीएफ अंबाला यूनिट ने कुरुक्षेत्र के बिड़ला मंदिर के पास पिट्ठू बैग की ली तलाशी।
- नीमच से ट्रेन में नशे की खेप लाकर अंबाला, चंडीगढ़ और कुरुक्षेत्र में करते थे सप्लाई।
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असम में तैनात सीआरपीएफ के जवान उम्मेदा राम व नीमच निवासी उसके दोस्त मुकेश को 6 किलो 280 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। उम्मेदा मूलरूप से राजस्थान के बीकानेर का निवासी है। सोमवार दोपहर एसटीएफ, अंबाला यूनिट ने कुरुक्षेत्र के बिड़ला मंदिर के पास उनके पिट्ठू बैग की तलाशी में नशा बरामद किया। इस दौरान जवान ने अपनी वर्दी का रुआब भी झाड़ने की कोशिश की लेकिन असफल रहा।
आदर्श नगर थाने में एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज किया गया। बुधवार कोर्ट में पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि मेन सप्लायर को पकड़ा जा सके। जानकारी के मुताबिक पुलिस एसटीएफ के पास काफी समय से सूचना थी कि सीआरपीएफ का एक जवान व नीमच का चालक नशे की तस्करी करते हैं। नजर रखी जा रही थी।
मंगलवार पता चला कि दोनों ट्रेन में अफीम लेकर निकले हैं। कुरुक्षेत्र उतरने पर यदि उनकी तलाशी ली जाए तो उन्हें रंगेहाथ पकड़ा जा सकता है। पिट्ठू बैग में रखे पॉलीथिन से करीब नौ लाख की अफीम बरामद हुई।
नीमच में पोस्टिंग के समय हुई दोस्ती फिर ऐसे चला नेटवर्क
कुछ समय पूर्व उम्मेदा की नीमच में पोस्टिंग के दौरान मुकेश से दोस्ती हुई। बातचीत के दौरान उसे पता चल गया कि मुकेश अफीम की सप्लाई करता है। मुकेश ने ऑफर दिया कि यदि दोनों मिलकर काम करें तो लाखों के बारे-न्यारे कर सकते हैं।
समझाया गया कि सैन्यकर्मी होने के कारण कोई उस पर शक भी नहीं करेगा, कोई तलाशी भी नहीं लेगा और सामान इधर से उधर करते रहेंगे। करीब पांच से छह बार वे भारी मात्रा में नशा लेकर आए। जब कोई तलाशी को पूछता तो उम्मेदा अपना आईकार्ड दिखा देता। इसलिए कभी तलाशी नहीं हुई।
1 लाख रुपये किलो लाकर 1.55 लाख में बेचा
मुकेश नीमच से करीब एक लाख रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से खरीदता था। कुरुक्षेत्र लाने के बाद वे उसे 1.55 लाख प्रति किलो के हिसाब से बेच देते थे। वे होलसेल के हिसाब से सामान बेचते थे, उनके पक्के ग्राहक हैं।
कुरुक्षेत्र के बाद अंबाला व चंडीगढ़ देनी थी सप्लाई
अफीम की सप्लाई केवल कुरुक्षेत्र ही नहीं, बल्कि अंबाला व चंडीगढ़ में भी करनी थी। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में वह अफीम देने के बाद वापस लौट जाते थे। इसी तरह वह लंबे समय से कई बार नशे की सप्लाई कर चुके थे। एसटीएफ की टीम ने पकड़े गए जवान के हेडक्वार्टर में सूचित कर दिया है।
सीआरपीएफ का असम में तैनात जवान उम्मेदा व नीमच का मुकेश लंबे समय से अफीम की तस्करी कर रहे थे। मुकेश जानता था कि सैन्यकर्मी की कोई तलाशी नहीं लेगा, इसलिए उसने योजनाबद्ध तरीके से उसे अपने साथ मिलाया।
सैन्यकर्मी को अच्छी सैलरी मिल रही थी लेकिन वह भी लालच में पड़ गया। जब कई बार नशा लाते नहीं पकड़ा गया तो उसके हौसले और बढ़ गए। लगा कि शायद कभी पकड़ा नहीं जाएगा लेकिन एसटीएफ ने उसे दबोच लिया। रिमांड में और कई खुलासे होने की उम्मीद है। -कुलभूषण, डीएसपी, एसटीएफ, अंबाला यूनिट।