ताबड़तोड़ फायरिंग कर बदमाशों ने पुलिस हिरासत से छुड़ाया साथी, एक लाख का इनाम घोषित
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इंद्री रोड स्थित नये बस स्टैंड पर मंगलवार को दोपहर साढ़े बारह बजे ताबड़तोड़ फायरिंग करके तीन बदमाश हथकड़ी लगे हत्या आरोपी सुनील, मोनू उर्फ खीरा को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा ले गए। इस दौरान दो पुलिस कर्मियों की टांगों में गोली लगी है, उन्हें कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया है।
गोली चलाने से पहले पुलिस कर्मियों की आंखों में मिर्च का स्प्रे कर बदमाश को छुड़ाने में सफलता नहीं मिली तो कई राउंड फायरिंग की। उन्होंने पुलिस कर्मियों की कारबाइन को भी ले जाने का असफल प्रयास किया। इस दौरान बस स्टैंड और आसपास अफरा-तफरी मच गई। जीटी रोड हाईवे पर वाहन भी थम गए। यमुनानगर की पुलिस मंगलवार की सुबह हत्या आरोपी सुनील को न्यायाधीश राजेश मेहता की अदालत में पेश करके वापस ले जा रही थी।
यह जानकारी सुनील के साथियों को पहले से ही थी। इसीलिए वह पीछे लगे हुए थे। बस स्टैंड पर मौका पाकर बदमाशों ने पहले तो मिर्च का स्प्रे पुलिस कर्मियों के चेहरे पर किया। इस स्प्रे से पुलिस कर्मी काबू नहीं हुए तो उन्होंने पुलिस कर्मियों पर निशाना साधकर कई राउंड फायरिंग की। उन्हीं में से कुछ गोली दो पुलिस कर्मियों एसआई सुरेश पाल और एचसी संदीप के टांगों में लग गई और वह घायल हो कर गिर गए।
तीसरे पुलिस कर्मी विनोद की आंखों में मिर्च का स्प्रे कर उनसे कारबाइन लूटने की कोशिश की। लेकिन बदमाश कारबाइन लूटकर नहीं ले जा सके। लेकिन वह अपने साथी को छुड़ाकर ले गए। चारो बदमाश पूर्व प्लानिंग के अनुसार अलग-अलग दिशाओं में भाग गए। फायरिंग के कारण आसपास के लोग इतने भयभीत हो गए कि वह बदमाशों का पीछा करने की हिम्मत भी नहीं जुटा सके।
सूत्रों का कहना है कि सुबह से ही बदमाश सुनील को छुड़ाने के लिए रेकी करके हुए यमुनानगर जेल से साथ आए थे। सुबह से लेकर दोपहर तक आगे पीछे रहे। बस स्टैंड पर मौका मिलते ही पुलिस पर हमला कर उसे छुड़ा लिया। घटना की जानकारी होने पर एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया मौके पर पहुंचे। मामले की जांच के लिए सीसीटीवी कैमरे देखे तो वह बंद मिले। बस स्टैंड के कर्मचारियों ने बताया कि पिछले दस दिनों से कैमरे बंद हैं।
बदमाश सुनील ने 11 जून 2016 को करनाल के पृथ्वी विहार निवासी कार पेंटर सुशील उर्फ बबलू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में जगाधरी जिला जेल से एसआई सुरेशपाल, एचसी संदीप व विनोद बदमाश सुनील उर्फ खीरा को मंगलवार को राजेश मेहता की कोर्ट में पेश करने के लिए लाए थे।
कोर्ट में पेश कर पुलिस कर्मचारी वापस यमुनानगर जा रहे थे। वह करनाल नए बस स्टैंड पर दोपहर 12 बजे यमुनानगर बस का इंतजार कर रहे थे तो उसी दौरान बदमाश सुनील के साथियों ने पुलिस पर फायरिंग की और उसे छुड़वाकर फरार हो गए।
फरार हुए कैदी पर दर्ज हैं लूट, डकैती व हत्या के 9 मामले
कैदी व हत्या आरोपी सुनील उर्फ मोनू उर्फ खीरा मूलरूप से पानीपत के भादड़ गांव का रहना वाला है लेकिन पिछले कई सालों से उसका परिवार करनाल में कर्ण विहार गली नंबर सात में रहता है। 2015 में सुनील के खिलाफ पहला मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद यमुनानगर में लूट, डकैती, नशा तस्करी सहित चार मामले दर्ज है तो वहीं करनाल में हत्या सहित पांच मामले दर्ज हैं।
करनाल आईजी ने बढ़ाया घायल पुलिस कर्मचारियों का हौसला
वारदात की सूचना मिलते ही करनाल आईजी योगेंद्र सिंह नेहरा शहर के सरकारी अस्पताल ट्रामा सेंटर पहुंचे। वहां उन्होंने घायल पुलिस कर्मचारियों से वारदात के बारे में जानकारी ली और उनका हौसला भी बढ़ाया।
एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा
करनाल एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि आरोपी सुनील उर्फ मोनू उर्फ खीरा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इन आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही है। वहीं दूसरी ओर आरोपी सुनील उर्फ मोनू उर्फ खीरा और वारदात में शामिल उसके तीन साथियों के संबंध में जानकारी देने वाले को हरियाणा सरकार द्वारा घोषित एक लाख रुपये इनाम दिया जाएगा।