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चरखी दादरीः किसान की हत्या करके फरार हुए 7 श्रमिक, यूपी के रहने वाले हैं सभी आरोपी, केस दर्ज

Sat, 25 Apr 2020 02:42 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चरखी दादरी
अमर उजाला, चरखी दादरी Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 25 Apr 2020 02:42 PM IST
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किसान की हत्या, जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा के चरखी दादरी जिले में एक किसान की शुक्रवार रात उसके ही खेत में प्रवासी श्रमिकों ने हत्या कर दी और फिर वे फरार हो गए। किसान के सिर पर ट्रैक्टर लिफ्ट की रॉड से कई वार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शनिवार सुबह सदर थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सिविल अस्पताल में चिकित्सकों के बोर्ड से मृतक का पोस्टमार्टम कराया और सातों श्रमिकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। सभी आरोपी उत्तर-प्रदेश के पीलीभीत जिले के गांव आमडर के रहने वाले हैं और उनकी तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है। हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

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जानकारी के अनुसार, टिकान कलां निवासी कश्मीर(35) शुक्रवार शाम श्रमिकों के साथ खेत में तूड़ा डालने के लिए घर से गया था। शनिवार सुबह वह खेत में मृत मिला। मृतक के पिता लीलाराम ने बताया कि गत 15 मार्च को उत्तर-प्रदेश के पीलीभीत जिले के गांव आमडर निवासी सात श्रमिक उनके यहां काम करने आए थे। उन सभी को रहने के लिए उन्होंने कमरा दिया हुआ था। शुक्रवार शाम कश्मीर उन सभी को साथ लेकर तूड़ा लेने के लिए खेत में गया हुआ था। इसी दौरान अज्ञात कारणों के चलते उनके बीच झगड़ा हो गया और श्रमिकों ने ट्रैक्टर की लिफ्ट की रॉड से कश्मीर के सिर पर कई वार कर मौत के घाट उतार दिया।
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हत्याकांड को अंजाम देकर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। मृतक के पिता ने बताया कि शनिवार सुबह उनके खेत के समीप बने मकान में रहने वाला एक व्यक्ति मौके पर पहुंचा तो उसे कश्मीर मृत मिला। इसके बाद मामले की जानकारी परिजनों को दी गई। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण खेत में पहुंचे। वहीं, मामले की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी नरेंद्र दहिया मौके पर पहुंचे और उन्होंने शव को अपने कब्जे में ले लिया। कुछ देर बाद ही एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंच गई और शव की जांच की। इसके बाद शव को सिविल अस्पताल लाया गया और कागजी प्रक्रिया पूरी कर पुलिस ने चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया।

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इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला

सदर थाना प्रभारी नरेंद्र दहिया ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान पर सात प्रवासी श्रमिकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपी उत्तर-प्रदेश के पीलीभीत जिले की बीसलपरु तहसील के गांव आमडर के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सूरजपाल पुत्र काशीराम, उल्सीराम पुत्र टीकाराम, निलेश पुत्र रामेश्वर, राजाराम पुत्र मंगली प्रसाद, भगवानदास पुत्र कोमल प्रसाद, गिरदारीपाल पुत्र शंकर व आजम पुत्र रामजी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।

15 किलोग्राम वजनी रॉड से किए तीन से चार वार
जिस लोहे की रॉड से कश्मीर की हत्या की गई है उसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। इस रॉड की वजन करीब 15 किलोग्राम है। कश्मीर पर रॉड से तीन-चार वार किए गए हैं और सभी वार सिर में किए गए हैं। रक्तस्त्राव ज्यादा होने के चलते कश्मीर की मौके पर ही मौत हो गई।

दो भाइयों में बड़ा था मृतक
कश्मीर दो भाइयों में बड़ा था और खेती ही करता था। कश्मीर का छोटा भाई प्रवीन भी खेती करता है। मृतक के पिता लीलाराम ने बताया कि कश्मीर शादीशुदा था और उसके दो बच्चे हैं। कश्मीर की बेटी बड़ी है और वह छठी कक्षा में पढ़ती है जबकि बेटा चार साल का ही है।

परिजन बोलेः पीछे से किए वार, सामने से आते तो देख लेता कश्मीर
कश्मीर पर प्रवासी श्रमिकों ने तीन से चार किए और सभी वार सिर के पिछले हिस्से में किए गए हैं। शनिवार सुबह सिविल अस्पताल पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि श्रमिकों ने धोखे से कश्मीर पर वार किए हैं। कश्मीर ताकतवर था और अगर श्रमिक सामने से वार करते तो कश्मीर अपना बचाव आसानी से कर लेता। मृतक कश्मीर के घर से खेत की दूरी करीब 500 मीटर है।

सातों श्रमिकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या किन कारणों से की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास पुलिस ने शुरू कर दिए हैं।
- नरेंद्र दहिया, सदर थाना प्रभारी
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