Fatehabad News: चुनावी रंजिश में सरंपच पर चलाई गोली, आरोपी ठेकेदार की तलाश में जुटीं पुलिस की दो टीमें
नरेंद्र कुछ दिनों पहले पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के निशाने पर भी आए थे। 23 जनवरी को हुए मधुर मिलन समारोह का न्योता देने गांव नाढोड़ी में गए मंत्री के कार्यक्रम में सरपंच नरेंद्र नहीं गए थे। इस पर तैश में आकर पंचायत मंत्री ने राइट टू रिकॉल के जरिये सरपंच को हटाने की चेतावनी दे डाली थी।
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पंचायत चुनाव की रंजिश में गांव नाढोड़ी के सरपंच नरेंद्र कुमार को गांव के ही एक व्यक्ति ने पिस्तौल से गोली मार दी। गनीमत है कि सरपंच बच गया। वहीं, आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने सरपंच की शिकायत पर विनोद भांभू के खिलाफ हत्या की कोशिश, एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न मामलों में केस दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित कर दी हैं। पुलिस को दी शिकायत में नरेंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार दोपहर वह अपने घर के बाहर गली में पिता ओमप्रकाश, गांव के उग्रसेन और सुंदर कुमार के साथ खड़े थे। इसी दौरान विनोद कार से वहां पहुंचा और पास बुलाया और पिस्तौल से फायर कर दिया।
ठेकेदारी करता है आरोपी
सरपंच नरेंद्र व विनोद के बीच पंचायती व मनरेगा के तहत किए गए कामों के भुगतान को लेकर विवाद चल रहा है। ठेकेदार ने नरेंद्र के सरपंच बनने से पहले और बाद में मनरेगा व पंचायती फंड से करीब 35 लाख के विकास कार्य गांव में किए थे। प्रशासन द्वारा 24 अगस्त काम करने की स्वीकृति ले रखी थी। उपरोक्त कार्यों में से कुछ भुगतान हो गया लेकिन, दस लाख के अधूरे बिलों पर सरपंच ने साइन करने से इनकार कर दिया।
नरेंद्र ने ठेकेदार को कहा कि उसकी मौजूदगी में उपरोक्त काम नहीं हुआ, जो गलत है या सही, उसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। इसलिए वह हस्ताक्षर नहीं करेगा। नरेंद्र कुमार ने बताया कि मेरी जान को खतरा है। इसलिए पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। इसकी थानाध्यक्ष से मांग की गई है। भूना थाना प्रभारी अनूप सिंह ने बताया कि सरपंच नरेंद्र कुमार की शिकायत पर विनोद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।
पंचायत मंत्री ने इन्हीं सरपंच के लिए दी थी राइट टू रिकॉल की चेतावनी
नरेंद्र कुछ दिनों पहले पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के निशाने पर भी आए थे। 23 जनवरी को हुए मधुर मिलन समारोह का न्योता देने गांव नाढोड़ी में गए मंत्री के कार्यक्रम में सरपंच नरेंद्र नहीं गए थे। इस पर तैश में आकर पंचायत मंत्री ने राइट टू रिकॉल के जरिये सरपंच को हटाने की चेतावनी दे डाली थी।