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बच्चे ने दिखाई ऐसी बहादुरी, शाबाशी देंगे आप भी

Sat, 06 Dec 2014 08:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Sat, 06 Dec 2014 08:41 AM IST
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confront with Kidnapper for save sister

सड़क पार करवाने के बहाने बहन को किडनैप करने की कोशिश कर रहे युवक से भिड़ गया बच्चा और अपनी छोटी बहन को अगवा होने से बचा लिया।

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घटना हरियाणा के पंचकूला सेक्टर-20 के फ्लाईओवर के पास शुक्रवार की सुबह की है जब 11 साल के बच्चे ने बहादुरी दिखाई। दोनों भाई-बहन स्कूल जा रहे थे। इस दौरान एयरफोर्स का पूर्व इंजीनियर नौ साल की बच्ची को सड़क पार कराने के बहाने आगे आया और अपनी कार में बैठाकर भागने की कोशिश की, लेकिन बच्चे ने उसके मंसूबे को नाकाम कर दिया।

बाद में आसपास के लोगों ने उसकी जमकर धुनाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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अंबेडकर कॉलोनी निवासी अक्षय की नौ साल की बेटी काजल अपने भाई शिवम(11) के साथ सुबह करीब नौ बजे कुंडी स्थित स्कूल जा रही थी। इस दौरान सेक्टर-20 फ्लाइओवर के पास ढकौली निवासी एयरफोर्स का पूर्व इंजीनियर पवन बच्ची को सड़क पार कराने के लिए आगे बढ़ा और कार में बैठाकर किडनैप करने की कोशिश की।

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आरोपी के बचाव में आगे आई पत्नी

confront with Kidnapper for save sister

आरोपी की हर‌कत देखकर शिवम उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा। इस दौरान आरोपी और शिवम के बीच खींचतान भी हुई। इस दौरान बालक शिवम ने हार नहीं मानी।

करीब पांच मिनट तक बच्चे को जद्दोजहद करता देखकर आसपास के लोग भी आगे बढ़े और आरोपी को धर दबोचा। इसके बाद उसे सेक्टर-19 चौकी लाया गया। बाद में सेक्टर-20 थाने में मामला दर्ज करने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

'मानसिक रूप से बीमार है पवन'
आरोपी की पत्नी ने कहा कि पवन पहले भी आसपास के बच्चों की मदद करता रहा है। वह मानसिक तौर पर परेशान है और नौकरी भी छोड़ चुका है। उन्होंने कहा कि उसके भी दो बच्चे हैं, इसलिए वह किसी बच्चे को किडनैप क्यों करेगा। उधर, पुलिस का कहना है कि पवन वर्ष 2013 में नौकरी छोड़ चुका है। हालांकि, पवन के मानसिक तौर पर बीमार होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है।

एसएचओ, सेक्टर-20 ने बताया ‌कि पुलिस ने आरोपी पवन के खिलाफ आईपीसी की धारा 366ए और 511 के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है।

हैल्पलाइन नंबर चालू हैं
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सभी हैल्पलाइन नंबर चालू हैं। अगर बच्चों के साथ भी किसी तरह की परेशानी होती है तो इस बारे में 1098 पर कॉल कर जानकारी दी जा सकती है। इसके अलावा पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर फोन कर भी सहायता ली जा सकती है।

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