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प्रोजेक्ट अटके तो चीफ इंजीनियर को बंद किया

Thu, 26 Jun 2014 01:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 26 Jun 2014 01:26 AM IST
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Chief engineer locked in a room

नगर निगम के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद को कांग्रेसी पार्षद सतीश कैंथ और दर्शन गर्ग ने उनके ऑफिस में बंद कर दिया। दोनों पार्षद कुंडी बंद कर कार्यकर्ताओं के साथ आफिस के बाहर ही धरने पर बैठ गए।

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स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस दल बुला लिया गया। इस बीच मेयर और अफसरों ने दोनों पार्षदों को समझाकर मुकेश आनंद को मुक्त कराया। करीब डेढ़ घंटे तक चीफ इंजीनियर कमरे में बंद रहे।
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कालोनियों में काम न होने से नाराजगी
सुबह साढ़े दस बजे सतीश कैंथ और दर्शन गर्ग अपने वार्ड के करीब सौ लोगों के साथ चीफ इंजीनियर के कार्यालय पहुंच गए। दोनों का आरोप था कि उनके वार्ड में गांवों और कालोनियों के विकास प्रोजेक्ट लंबे समय से अटके हैं और वहां की समस्याओं पर भी अफसर ध्यान नहीं दे रहे।
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ऑफस के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी गई। इस बीच किसी ने ऑफिस के दरवाजे की बाहर से कुंडी लगा दी और चीफ इंजीनियर को अंदर ही बंद कर दिया। जानकारी मिलने पर नगर निगम के कमिश्नर वीपी सिंह भी उन्हें समझाने के लिए आए, फिर भी प्रदर्शन नहीं रुका।


कांग्रेस के अन्य पार्षद और मेयर भी दोनों पार्षदों को मनाने पहुंचे। इस पर करीब 12 बजे धरना खत्म हुआ और तब तक चीफ इंजीनियर कमरे में कैद रहे।

बंधक बनाया तो खुली आंखें : रातों-रात सड़क बननी शुरू

पार्षद दर्शन गर्ग ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले चीफ इंजीनियर को धरना देने के लिए चेताया था। तब चीफ इंजीनियर का जवाब था कि अभी टाइम लगेगा। सड़क निर्माण अभी शुरू नहीं हो सकता।

मजबूरन बुधवार सुबह उन्हें प्रदर्शन करना पड़ा, इसके बाद ही पल्सौरा गांव में सड़क निर्माण शुरू करवा दिया गया। देर शाम तक तो 50 फीसदी सड़क बन भी गई थी।

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