बीमारी ठीक न होने पर पैसा वापस! गुप्त रोग के नाम पर चार हकीमों ने ठगे पांच लाख
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मोगा जिले के एक गांव निवासी व्यक्ति को छोटी उम्र में ही गुप्त रोग हो गया। इलाज के झांसे में हकीमों ने व्यक्ति से करीब पांच लाख रुपये की ठगी कर ली। थाना सिटी पुलिस ने जांच के बाद दिल्ली व मोहाली निवासी चार हकीमों के खिलाफ साजिश के तहत धोखाधड़ी व धमकाने का केस दर्ज किया है।
मामले की जांच कर रहे हवलदार मनप्रीत सिंह के मुताबिक मोगा निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे छोटी उम्र में ही गुप्त रोग हो गया था। बदनामी के डर से वह किसी को इस बारे में नहीं बताता था। वर्ष 2002 में उसकी शादी हो गई, जिसके बाद से वह बीमार रहने लगा। वर्ष 2019 के मार्च माह में वह मोगा शहर आया था।
उसने रेलवे अंडरब्रिज पर तंबू लगाए बैठे हकीम को देखा। बाहर लगे फ्लैक्स में लिखा था कि गुप्त रोग गारंटी के साथ ठीक किया जाता है। अपनी बीमारी से छुटकारा पाने के लिए पीड़ित तंबू में बैठे हकीम राजू निवासी मनाली के पास चला गया।
आरोपी ने उसकी पूरी बात सुनकर भरोसा दिलाया और फिर कुछ दिन के बाद उसे अपने दिल्ली निवासी साथी हकीम दुशांत, कमल किशोर और अजीत प्रताप से मिलवाया। आरोपियों ने उससे कहा कि वह पहाड़ियों से जड़ी बूटियां लाकर दवा बनाते है और गारंटी के साथ दवाई बेचते है।
बीमारी ठीक न होने पर वह ग्राहक को पैसे भी वापस कर देते है। इसके बाद आरोपियों ने उसे दवा देकर पांच लाख रुपये ले लिए। दवा खाने पर ठीक होने के बजाय वह और बीमार हो गया।
जब शिकायतकर्ता ने आरोपियों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि तुम्हें दवा फिट नहीं बैठी है। दूसरी दवा के लिए तुम्हें 9 लाख रुपये और देने होंगे। इसके बाद आरोपी कहने लगे कि अगर तुमने दवा न ली तो जान से मरवा देगें।
इस पर शिकायतकर्ता ने घटना की जानकारी मोगा निवासी अपने एक दोस्त को दी। उसने पीड़ित को हिम्मत दी और फिर पुलिस में इसकी शिकायत कर दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद चारों आरोपी हकीमों के खिलाफ केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।