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बहू से दुराचार में ससुर, जेठ और जेठानी दोषी करार, बेटी पैदा हुई थी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 27 Sep 2017 09:14 AM IST
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रेप
- फोटो : File Photo
बहू से दुराचार और दहेज के लिए प्रताड़ित करने के मामले में जिला अदालत ने दड़वा निवासी ससुर, जेठ और जेठानी को दोषी करार दिया है। अदालत तीनों को 28 सितंबर को सजा सुनाएगी। तीनों के खिलाफ इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 328, 376 (2), 498ए, 506 के तहत केस दर्ज किया था।
पीड़िता ने नवंबर 2015 को एसएसपी को शिकायत की थी। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस में दी शिकायत में कहा था कि, उसकी दड़वा निवासी विजय कुमार से 2010 में शादी हुई थी। शादी के बाद उसे पता चला कि उसका पति मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग है। शादी के कुछ समय तक तो ठीक चला, लेकिन बाद उसके ससुर ने इसका फायदा उठाया।
रात में उसे दूध में नशीला पदार्थ पिलाकर दिया जाता था। इसके बाद ससुर उससे दुराचार करता था। ससुर ही नहीं जेठ ने भी उससे दुराचार किया था। वहीं उसकी जेठानी को इस बारे में सब कुछ पता होने के बावजूद उसने नहीं रोका। पीड़िता को जब इसका पता चला तो उसने विरोध किया। इसके बाद उसे दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा। साथ ही इस बारे में बाहर किसी से बात करने पर उसे धमकाया जाने लगा।
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कुछ समय बाद उसने इस बारे में अपनी बहन और जीजा को बताया। इसके बाद उन्होंने मिलकर पुलिस को शिकायत दी। पीड़िता को एक बच्ची भी थी। शिकायत के दौरान उसने उसका डीएनए भी कराने की अपील की थी। बाद में डीएनए रिपोर्ट में बच्ची का पिता उसका ससुर ही निकला था। इससे ससुर द्वारा बहू से दुराचार की भी पुष्टि हो गई थी।
अदालत ने दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनने के बाद मंगलवार को तीनों को दोषी करार दिया। अदालत तीनों को 28 सितंबर को सजा सुनाएगी।
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पीड़िता ने नवंबर 2015 को एसएसपी को शिकायत की थी। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस में दी शिकायत में कहा था कि, उसकी दड़वा निवासी विजय कुमार से 2010 में शादी हुई थी। शादी के बाद उसे पता चला कि उसका पति मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग है। शादी के कुछ समय तक तो ठीक चला, लेकिन बाद उसके ससुर ने इसका फायदा उठाया।
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रात में उसे दूध में नशीला पदार्थ पिलाकर दिया जाता था। इसके बाद ससुर उससे दुराचार करता था। ससुर ही नहीं जेठ ने भी उससे दुराचार किया था। वहीं उसकी जेठानी को इस बारे में सब कुछ पता होने के बावजूद उसने नहीं रोका। पीड़िता को जब इसका पता चला तो उसने विरोध किया। इसके बाद उसे दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा। साथ ही इस बारे में बाहर किसी से बात करने पर उसे धमकाया जाने लगा।
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कुछ समय बाद उसने इस बारे में अपनी बहन और जीजा को बताया। इसके बाद उन्होंने मिलकर पुलिस को शिकायत दी। पीड़िता को एक बच्ची भी थी। शिकायत के दौरान उसने उसका डीएनए भी कराने की अपील की थी। बाद में डीएनए रिपोर्ट में बच्ची का पिता उसका ससुर ही निकला था। इससे ससुर द्वारा बहू से दुराचार की भी पुष्टि हो गई थी।
अदालत ने दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनने के बाद मंगलवार को तीनों को दोषी करार दिया। अदालत तीनों को 28 सितंबर को सजा सुनाएगी।