शराब कारोबारी अरविंद सिंगला की हत्या की रची गई थी साजिश, कंस्ट्रक्शन कंपनी का मालिक भी था निशाने पर
- दीपू ने मोबाइल जेल की भट्टी में जलाया, पुलिस ने सिम बैरक से किया बरामद
- छह महीने से एक्टिवेट था सिम, पैरोल पर जाने के दौरान लाया था साथ
विस्तार
पंजाब और चंडीगढ़ के बड़े शराब कारोबारी अरविंद सिंगला के भाई के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में दीपू ने इस बात का खुलासा किया है कि उनकी प्लानिंग अरविंद सिंगला को जान से मारने की थी लेकिन अरविंद सिंगला के घर के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा देख उन्होंने सिंगला के भाई के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग सिंगला समेत पंजाब के बड़े कारोबारियों में दहशत फैलाने के लिए की।
इतना ही नहीं, उनके निशाने पर ट्राइसिटी की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी का मालिक भी था, जिस पर हमला करवाकर मोटी रंगदारी वसूलने की तैयारी थी। इस वारदात को भी जल्द ही अंजाम दिया जाना था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने इस एंगल पर भी जांच शुरू कर दी है।
पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पंजाब के कुछ बड़े कारोबारी लॉरेंस बिश्नोई के एंटी गैंग को वित्तीय सहायता देते हैं। इससे लॉरेंस और उसका पूरा गैंग नाराज है और इन कारोबारियों में अपनी दहशत फैलाकर उनसे वसूली करना चाहता है। साथ ही अपने एंटी गैंग को भी नीचा दिखाना चाह रहा था। अरविंद सिंगला की हत्या की साजिश भी इसी योजना के तहत तैयार की गई थी।
पुलिस ने दीपू से अकेले में पूछताछ करने के बाद हथियार मुहैया करवाने वाले कुलविंदर सिंह उर्फ काला को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप के निशाने पर केवल शराब व्यापारी ही नहीं बल्कि अगला निशाना ट्राइसिटी की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी का मालिक भी था, जिस पर हमला करवाकर मोटी रंगदारी वसूलने की तैयारी थी।
50 कारतूस और चार पिस्टल बरामद
दीपू को प्रोडक्शन वारंट पर लाई सेक्टर-34 थाना पुलिस ने गुरुवार को उसकी निशानदेही पर राजपुरा स्थित उसके ठिकाने से 4 पिस्टल और 50 कारतूस बरामद किए हैं। दीपू ने बताया कि वह वारदात को अंजाम देने के बाद हथियारों को छिपा दिया करता था। इसके बाद दोबारा काम पड़ने पर इसका इस्तेमाल करता था। इन हथियारों का पता उन सभी अपराधियों को था, जिन्हें वह अपराध में शामिल किया करता था।
अंबाला जेल बैरक से बरामद हुआ सिम
वारदात में इस्तेमाल होने वाले सिम को पुलिस ने अंबाला जेल की बैरक से बरामद कर लिया है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के कहने पर दीपू ने इसी सिम का इस्तेमाल कर कुलविंदर सिंह उर्फ काला और सेवक उर्फ गुरी समेत शूटरों को अरविंद सिंगला के घर हमला करने के लिए कहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि पैरोल के दौरान मोबाइल को दीपू के दोस्त हरिंदर सिंह ने मुहैया करवाया था, सिम जेल में छह महीनों से एक्टिवेट है, जबकि मोबाइल को उसने जेल में बनी भट्ठी में जला दिया था।
पुलिस को इन चारों शूटरों की तलाश
दीपू ने पुलिस पूछताछ में पांच शूटरों के नाम का खुलासा किया है। इनमें हरियाणा के भिवानी निवासी राहुल, बच्ची, हरियाणा के गांव लाडवा का बलवीर उर्फ मनी, अमृतसर का नितिन और लुधियाना का करण शर्मा शामिल है। इनमें से पुलिस ने सिर्फ एक शूटर करण को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य चार शूटरों को दबोचने के लिए पुलिस हरियाणा और पंजाब के ठिकानों पर दबिश दे रही है।
अभी तक इनकी हुई है गिरफ्तारी
शराब कारोबारी अरविंद सिंगला के भाई के घर पर हमला करने वाले एक शूटर करण शर्मा, मददगार जिम संचालक सेवक उर्फ गुरी और हथियार मुहैया करवाने वाले कुलविंदर सिंह उर्फ काला को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा पुलिस वारदात में शामिल फोर्ड ऑइकन कार को भी जब्त कर चुकी है। क्राइम ब्रांच टीम ने सेवक उर्फ गुरी को जिला अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि शूटर करण को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।