OMG! चंडीगढ़ में 4 हजार करोड़ का फर्जीवाड़ा!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रवर्तन निदेशालय अब सख्त कदम उठाने जा रहा है। लगातार समन के बाद लगभग दस ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने प्रवर्तन निदेशालय को जांच में सहयोग नहीं दिया। ऐसी स्थिति में प्रवर्तन निदेशालय इन्हें गिरफ्तार कर सकता है। इन दस लोगों में विजय पाल सिंह डिंपी और वरिंदर पाल सिंह का नाम भी शामिल है।
ये दोनों लेक व्यू सर्विसेज एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। यह भी मुकेश मित्तल की एक कंपनी है। इन्हें दो बार प्रवर्तन निदेशालय समन भेज चुका है। अब इन्हें 17 मार्च को तलब किया है। प्रवर्तन निदेशालय इनके गैरहाजिर होने पर सीधी तौर पर गिरफ्तारी करेगा।
चंडीगढ़ प्रवर्तन निदेशालय मुकेश मित्तल के उन मोहरों की तलाश कर रहा है जिनके सहारे उसका सारा धंधा पनपा था। इसमें कई ऐसे नाम भी हैं जो वीवीआईपी हैं। इन नामों का खुलासा प्रवर्तन निदेशालय ने अभी नहीं किया है। जल्द ही इनसे पूछताछ की जाएगी।
बताया जाता है कि मामले में अभी तक की जांच में लगभग एक हजार करोड़ रुपये की मनीलांडरिंग का मामला सामने आया है। एक अधिकारी के अनुसार जांच ठीक चली तो मामला लगभग चार हजार करोड़ तक पहुंच सकता है। इसमें कई ऐसी प्रापर्टी और कंपनियों के खुलासे भी हो सकते हैं जिनका संचालन हिमाचल प्रदेश और पंजाब में है।
बोगस कंपनी से चलाया जा रहा था धंधा
प्रवर्तन निदेशालय ने जांच में पाया है कि मुकेश मित्तल ने प्रॉपर्टी के मामले में बोगस कंपनियों की मदद ली। ईडी ने मुकेश मित्तल के ड्राइवर लाल चंद, उसके मुंशी प्रवीन कुमार, मनीश कुमार के साथ राजीव अवस्थी, निशांत गोयल को समन भेजे थे। राजीव अवस्थी की कंपनी एक फ्लैट में रजिस्टर थी। यह कंपनी मनीमाजरा चंडीगढ़ में थी।
ईडी ने जांच में एक हजार करोड़ रुपये तक की प्रॉपर्टी डिटेल जुटाई है। साथ ही ईडी को सौ से ज्यादा बैंक एकाउंट भी मिल चुके हैं। ध्यान रहे कि ईडी ने 13 जनवरी को मुकेश मित्तल के घर में रेड की थी। इसमें प्रवीन कुमार, लाल चंद और अजय सिंह के बैंक एकाउंट से पैंतीस करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन मिला था। अब ईडी उन लोगों को तलब कर रही है जिनके नाम पर लोन लिया गया।
आर एंड सी प्रिंटर्स का डाटा तलब
प्रवर्तन निदेशालय ने मनीलांडरिंग मामले में मुकेश मित्तल की एक अन्य कंपनी आर एंड सी प्रिंटर्स का डाटा तलब किया है। अभी तक यह डाटा प्रवर्तन निदेशालय के हवाले नहीं किया है।
शिव मानस मंदिर में भी पूछताछ
मनी लांडरिंग मामले में शिव मानस मंदिर से मिली शिकायत पर प्रवर्तन निदेशालय ने समन जारी किए हैं। मामले में जांच की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को मामले में जानकारी लेने के लिए बुलाया गया है।