15 हजार में खरीदी व्यायाम साइकिल...खाते से उड़े 87 हजार, जानें- दो रुपये में कैसे हुआ फ्रॉड
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रोजाना अलग-अलग तरीका अपनाकर ठग लोगों को अपना का शिकार बना रहे हैं। बावजूद इसके साइबर पुलिस इन अपराधों पर लगाम लगाने में नाकामयाब साबित हो रही है। एक ऐसा ही मामला चंडीगढ़ एफसीआई मैनेजर के साथ सामने आया। जहां ऑनलाइन साइट से मंगवाई गई व्यायाम साइकिल की घर में फिटिंग कराने का झांसा देकर शातिर ने खाते से 87,399 की धोखाधड़ी कर ली।
शिकायत पर साइबर सेल मामले की छानबीन शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता अंबा दत्त पपनोई ने बताया कि वह चंडीगढ़ के सेक्टर-51 स्थित मकान नंबर (106/ए) में परिवार समेत रहते हैं। वह सेक्टर-31 स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। कुछ दिक्कत की वजह से डॉक्टर ने उन्हें व्यायाम साइकिल चलाने को कहा था। इसके चलते 15 नवंबर को ऑनलाइन साइट से करीब 15 हजार कीमत की व्यायाम साइकिल को आर्डर दिया था। जिसके बाद 20 नवंबर को डिलीवरी ब्वॉय साइकिल पहुंचा गया था।
साइकिल ठीक तरह से फिट ना कर पाने की वजह से इंटरनेट से कंपनी का नंबर निकालकर कस्टमर केयर के नंबर पर फोन किया लेकिन फोन नहीं लगा। थोड़ी देर बाद उनके मोबाइल पर फोन आया और शख्स ने खुद को कंपनी का कस्टमर केयर बताकर बोला वह मुंबई से बोल रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उन्होंने कस्टमर केयर को व्यायाम साइकिल फिटिंग के बारे में बताया तो उसने कहा कि अगले दो घंटे में आपके घर में मैकेनिक पहुंच जाएगा।
शातिर ने बैंक खाते से ऐसे उड़ाए रूपए
शिकायत में बताया गया कि शातिर ने मैकेनिक भेजने से पहले कहा कि ऑनलाइन फॉर्म भरकर दो रुपए जमा करवाने होंगे। इसके बाद मोबाइल नंबर पर एक लिंक भेजा गया। लिंक खोलते ही नाम, पता और बैंक खाते से जुड़ी सभी जानकारियां भरने को कहा गया। जैसे ही अंबा दत्त ने फॉर्म को ओके किया तो उनका मोबाइल करीब 15 मिनट तक हैंग हो गया। जबकि शातिर यह कहता रहा कि अभी प्रोसेस किया जा रहा है। फोन कटते ही उन्हें मैसेज से पता चला कि खाते 33 हजार उड़ गए हैं। लेकिन जब बैंक पहुंचे दो अलग-अलग रकम में कुल 87,399 रुपये की चपत खाते से लगाई गई थी।
झारखंड से किया गया था फोन
खाते से रुपए कटने के बाद जब दोबारा उसी शख्स से बात की गई तो उसने कहा कि 24 घंटे में आपके खाते में पैसे वापस आ जाएंगे। इंतजार के बाद जब पैसा वापस नहीं आया तो 23 नवंबर को मामले की शिकायत सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में दी गई, जहां इंक्वायरी मार्क के बाद अब केस को साइबर सेल में भेज दिया गया है। साइबर सेल की जांच में सामने आया कि शातिर ने फोन मुंबई से नहीं बल्कि झारखंड स्थित एक गांव से की थी। वहीं शिकायतकर्ता का आरोप है कि शातिर का मोबाइल नंबर खुला होने के बावजूद पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। फिलहाल इस पूरे मामले की साइबर सेल छानबीन में जुटी हुई है।