भाई कहलाने का चस्का: 21 साल में अपराधियों के गिरोह का सरगना बना अभियाश, कारनामे सुन पुलिस भी रह गई हैरान
पकड़े गए आराेपी अभियाश के खिलाफ दंगा करने, जानबूझकर चोट पहुंचाने, तेजधार हथियारों से हमला करने, ट्रेसपासिंग, धमकाने, हत्या के प्रयास, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, चोरी और अपहरण की धाराओं में केस दर्ज हैं। उसके खिलाफ सेक्टर-14 पंचकूला थाने में 14 जुलाई 2023 को एक मामला दर्ज किया गया था।
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बाबा यादव अंडर स्कोर 302... अनकंट्रोल्ड सोल्जर ऑफ क्राइम वर्ल्ड, क्रिमिनल माइंड-गैंगस्टर लाइफ...जेल वाइफ एंड गन लवर। यह किसी बॉलीवुड फिल्म का नाम नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम पर सक्रिय एक ऐसे अपराधी का बायो है, जो कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। सोशल मीडिया पर सरेआम गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने वाला यह आरोपी अब चंडीगढ़ पुलिस की गिरफ्त में है।
चंडीगढ़ अपराध शाखा ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक नाबालिग है। वहीं, बालिग आरोपी की पहचान अभियाश (21) के रूप में हुई है। आरोपियों से पुलिस ने एक कट्टा, एक देसी पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, अभियाश शातिर अपराधी है। वह ट्राइसिटी के सात केसों में फरार चल रहा था। उसका दस से 12 लोगों का गिरोह है। युवाओं के बीच प्रसिद्ध होने के लिए उसने इंस्टाग्राम अकाउंट भी बनाया था, जिसमें वह अपनी आपराधिक गतिविधियां शेयर करता था। यहीं नहीं, सोशल मीडिया पर उसके 700 फॉलोअर भी हैं।
खुद को भाई कहलाने में फख्र महसूस करता था
अभियाश ने छोटी उम्र में कई संगीन अपराधों को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह खुद को दोस्तों और जानकारों में अभियाश भाई कहलवाने में फख्र महसूस करता था। पुलिस ने उसका पांच दिनों का रिमांड हासिल किया है। पुलिस अब उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। साथ ही उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। साथ ही पुलिस नाबालिग आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।
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खुफिया जानकारी के आधार पर दबोचा गया
स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा के मद्देनजर अपराध शाखा की टीम लगातार चेकिंग अभियान चला रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्या, लूट, अपहरण और फिरौती मांगने में संलिप्त दो अपराधी हथियारों समेत सेक्टर-45सी और डी के क्षेत्र में घूम रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। मोटरसाइकिल चला रहे आरोपी ने अपनी पहचान 21 वर्षीय अभियाश निवासी मौलीजागरां के रूप में बताई। वहीं, बाइक पर पीछे बैठा आरोपी नाबालिग निकला। इनसे बरामद हथियारों को लेकर सेक्टर-34 थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी के खिलाफ इन धाराओं में दर्ज हैं मामले
अभियाश के खिलाफ दंगा करने, जानबूझकर चोट पहुंचाने, तेजधार हथियारों से हमला करने, ट्रेसपासिंग, धमकाने, हत्या के प्रयास, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, चोरी और अपहरण की धाराओं में केस दर्ज हैं। उसके खिलाफ सेक्टर-14 पंचकूला थाने में 14 जुलाई 2023 को एक मामला दर्ज किया गया था। वहीं, दूसरा मामला भी इसी थाने में 29 दिसंबर 2022 को दर्ज हुआ था। 19 फरवरी 2023 को भी यहां एक मामला दर्ज हुआ था। 21 अप्रैल 2021 को उसके खिलाफ मौलीजागरां थाने में मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2022 और 2023 में भी मौलीजागरां में उसके खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था। औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने भी अभियाश के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। अपराध शाखा के निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि अभियाश इन आपराधिक मामलों में फरार चल रहा था। वह लगातार अपना पता बदलता रहता था।
व्यापारियों से प्रोटेक्शन मनी वसूलता था
अपराध शाखा के निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि अभियाश एक गैंग का लीडर है। उसके गैंग में दस से 12 गुर्गे शामिल हैं। ये मिलकर ट्राइसिटी के दुकानदारों, छोटे-छोटे गेस्ट हाउस मालिकों से प्रोटेक्शन मनी वसूलते थे। वहीं जो व्यापारी प्रोटेक्शन मनी देने से इन्कार करते थे, उन्हें आरोपी गन प्वाइंट पर लूट लेते थे। पुलिस के मुताबिक, अभियाश लोगों में दहशत पैदा करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर हवाई फायर भी कर देता था।
पूछताछ में पता चला है कि वह बिहार के जिला खगड़िया से गैरकानूनी ढंग से हथियार खरीदता था। वह अक्सर ट्राइसिटी के नाइट क्लब और पब में जाया करता था। उसने माना कि हाल ही में उसने मोहाली में एक कैब ड्राइवर पर गोली चलाई थी। अभियाश का परिवार मूलरूप से बिहार का है। अभियाश ने पूछताछ में कहा है कि वह तीन से चार मामलों में पेशियां भुगत रहा है। इसके अलावा सात मामले ऐसे थे, जिनमें वह काबू नहीं आया था। सूत्रों के मुताबिक, उसके किसी नजदीकी की पुरानी रंजिश के मामले में जान चली गई थी। इसके बाद से वह अपराध की दुनिया में दाखिल हो गया।