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'लाल' से मिलने आए थे, दोनों खून से लाल मिले

Sat, 23 Aug 2014 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 23 Aug 2014 11:45 PM IST
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चंडीगढ़ के सेक्टर-45-46 के लाइट प्वाइंट पर हुए बस और कार के हादसे के बाद सेक्टर-16 के अस्पताल में पूरा दिन मातम छाया रहा। अपने बेटे का शव लेने के लिए सबसे पहले बलरुप के अभिभावक पहुंचे।

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इसके बाद गौरव गर्ग के अभिभावक पहुंचे। गौरव भी मूल रूप से शिमला के लोअर कैथू का निवासी था। दोनों युवकों के अभिभावकों को यहां पर पहुंचने से पहले इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके बच्चों की मौत हो गई है।
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अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के प्रवेश द्वार पर पहुंचने के बाद जब अभिभावकों ने मौत की खबर सुनी तो दोनों बच्चों की मां सदमे में बेहोश हो गईं और बलरूप और गौरव गर्ग के पिता फूट फूट कर रोने लगे।
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बलरूप के पिता शिमला में ही उद्योगपति

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बलरूप के पिता शिमला में ही उद्योगपति हैं जबकि गौरव गर्ग के पिता तीर्थ राज गर्ग और उसकी माता शारदा शिमला में ही बिजली विभाग में कार्यरत है। मां शारदा रोते हुए कह रही थी कि भगवान तूने ये क्या किया क्यों मेरे लाल को छीन लिया।

अच्छा होता अगर उसे पढ़ने के लिए न भेजती। गौरव गर्ग का बड़ा भाई जम्मू में ले कर्नल के पद पर तैनात है। जबकि शाम को रिवाड़ी से अभिभावक एवं परिजन अपने बेटे दीपांशु का शव लेने के लिए पहुंचे।

उक्त सभी मृतक युवकों के परिजन और अभिभावक शव देखकर सहम गए क्योंकि शव पहचान में नहीं आ रहे थे। तीनों शव बुरी तरह से झुलस चुके थे। जिस शिफ्वट गाड़ी की टक्कर हिमाचल रोडवेज के साथ हुई है वह गौरव गर्ग की थी।

‘पापा मुझे बुलेट चाहिए’

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बलरूप सिंह के पिता स्वर्ण सिंह बोगल ने जब हादसे की घटना पूछी तो दर्दनाक हादसे को याद कर ऊंची ऊंची रोने लगे। वह रोते हुए कह रहे थे कि तीन दिन पहले बलरूप का फोन आया कि पापा उन्हें बुलेट मोटरसाइकिल चाहिए।

वह रोते हुए कह रहे थे कि बलरूप वापस आ जा बेटे उसका बुलेट मोटरसाइकिल की बुकिंग करवा दी है। वह रोते हुए कह रहे थे कि हे रब्बा तूने बलरूप को छीन कर अच्छा नहीं किया। बलरूप का एक छोटा भाई है जो कि शिमला में ही पढ़ता है जबकि तीसरे मृतक दीपांशु का एक भाई है उनके पिता बजेंद्र की रिवाड़ी में दुकान है।

हादसे का पूरा सच

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धर्मशाला से दिल्ली जा रही वोल्वो बस के साथ चंडीगढ़ में हुए हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। पढ़ें, हादसे का पूरा सच

हादसा, चंडीगढ़ में देर रात 2 बजे सेक्टर 45/46/49/50 लाइट प्वाइंट पर हुआ। यहां वोल्वो बस की तेज रफ्तार स्विफ्ट कार से आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हुई। टक्कर लगते ही स्विफ्ट कार आठ फुट उपर उछली और नीचे गिरते ही उसमें आग लग गई। आग लगने से कार में सवार मोहाली के लाडरा कालेज के तीन छात्र जिंदा जल गए। साथ ही वोल्वो बस भी टक्कर होने के बाद तीन बार पलटी।

बस की छत टूटने से यूके निवासी दंपति बस के नीचे दब गए। बस में सवार यात्री, महिलाएं और बच्चे चिल्लाने लगे। यात्रियों ने बच्चों व महिलाओं को बाहर निकालकर पुलिस को बुलाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्विफ्ट कार की आग बुझाने की कोशिश की। फायर ब्र्रिगेड कर्मचारियों ने करीब आधे घंटे तक आग  बुझाई। टक्कर लगने से स्विफ्ट कार की सभी खिड़कियां जाम हो गई।

तीन युवक जिंदा जले, एनआरआई दंपति की मौत

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फायर बिग्रेड कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर तीन छात्रों को जली हालत में बाहर निकालकर सेक्टर 16 जनरल अस्पताल लेकर गए, जहां डाक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। मृतक छात्रों की पहचान शिमला के गौरव गर्ग , बलरुप सिंह और रेवाड़ी के दीपांशु के रूप में हुई।

गौरव गर्ग लाडरां कालेज में एमबीए सेकेंड ईयार, दीपंशु सिंह बीटेक सेकेंड ईयर और गौरव शर्मा एमबीए सेकंड ईयर में पढ़ते थे। वहीं, क्रेन और लोगों की मदद से दंपति को बाहर निकालने में करीब आंधा घंटा लग गया। आंधे घंटे तक दंपति तड़पता रहा। बाद में डाक्टरों ने ददंपति को पीजीआई में मृत घोषित कर दिया।  

धर्मशाला से चंडीगढ़ जा रहे मृतक एनआरआई दंपति की पहचान रुपेश और पत्नी कविता के रुप में हुई। उनकी एक साल की बेटी अन्यन्ना भी गंभीर रूप से घायल है। हादसे में कुल 15 यात्री घायल हो गए। सेक्टर 34 थाना पुलिस ने हिमाचल वोल्वो बस चालक पानीपत के सुरिंद्र सिंह के खिलाफ गैर इरादत्तन हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

ये यात्री हुए है सड़क हादसे में घायल

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कांगड़ा के गांव जवाहर नगर के 34 वर्षीय नरेश कुमार, कांगड़ा के गांव जोरट के 27 वर्षीय धीरज बरारिया, कागड़ा स्थित गांव डेरा की 39 वर्षीय रिचा, कागड़ा के गांव डेरा की 35 वर्षीय पुनीत प्रमार, उनकी एक साल की बच्ची इलीना, कांगड़ा के शाम नगर निवासी दीपका, कांगड़ा के शाम नगर की मीरा कुमारी, बस चालक पानीपत निवासी सुरेंद्र कुमार, कागड़ा के वार्ड नं पांच निवासी रिषी, शिमला के आशीष कुमार, बिहार स्थित पअना निवासी अमित कुमार और लंदन निवासी अन्यना के रुप में हुई।

भाई से मिलकर वापिस जा रहे थे लंदन
यूके निवासी रुपेश उसकी पत्नी कविता, बेटी अन्यना के साथ धर्मशाला में अपने भाई राजेश के पास घूमने आए हुए थे। घूमने के बाद वे शुक्रवार रात को बस से दिल्ली जाने के लिए रवाना हुए थे। रुपेश और कविता की मौत के जानकारी मिलते ही उनके रिश्तेदार कानपुर और धर्मशाला से चंडीगढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं।

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