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हरियाणा पुलिस के दो एएसआई पर चलेगा केस
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 28 Oct 2013 12:45 PM IST
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धोखाधड़ी मामले में फंसे युवक को क्लीन चिट देने के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए हरियाणा पुलिस के निलंबित एएसआई जगदीश राम और एएसआई जतिंद्र पर केस चलेगा।
हरियाणा पुलिस ने विजिलेंस को दोनों पर केस चलाने की अनुमति दे दी है। विजिलेंस एक सप्ताह में दोनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर करेगी।
चंडीगढ़ विजिलेंस ने इसी साल 14 मई को सीएम हरियाणा के आवास पर तैनात एएसआई जगदीश राम को सेक्टर-10 स्थित हरियाणा एमएलए हॉस्टल की पार्किंग से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ काबू किया था।
एएसआई जगदीश यह रिश्वत कैथल सीआईए में तैनात एएसआई जतिंदर कुमार के कहने पर ले रहा था।
कैथल पुलिस ने मौली जागरां निवासी गुरमीत सिंह के खिलाफ विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया था। जांच अधिकारी एएसआई जतिंदर कुमार ने उसे केस से बाहर निकालने के लिए 13 लाख रुपये में सौदा किया था।
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पूछताछ में पता चला था कि पकड़े जाने से बीस दिन पहले शिकायतकर्ता गुरमीत सिंह ने पांच लाख रुपये एएसआई जगदीश राम को दिए थे। उसने ये रुपये आगे एएसआई जतिंदर को दिए थे।
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हरियाणा पुलिस ने विजिलेंस को दोनों पर केस चलाने की अनुमति दे दी है। विजिलेंस एक सप्ताह में दोनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर करेगी।
चंडीगढ़ विजिलेंस ने इसी साल 14 मई को सीएम हरियाणा के आवास पर तैनात एएसआई जगदीश राम को सेक्टर-10 स्थित हरियाणा एमएलए हॉस्टल की पार्किंग से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ काबू किया था।
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एएसआई जगदीश यह रिश्वत कैथल सीआईए में तैनात एएसआई जतिंदर कुमार के कहने पर ले रहा था।
कैथल पुलिस ने मौली जागरां निवासी गुरमीत सिंह के खिलाफ विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया था। जांच अधिकारी एएसआई जतिंदर कुमार ने उसे केस से बाहर निकालने के लिए 13 लाख रुपये में सौदा किया था।
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पूछताछ में पता चला था कि पकड़े जाने से बीस दिन पहले शिकायतकर्ता गुरमीत सिंह ने पांच लाख रुपये एएसआई जगदीश राम को दिए थे। उसने ये रुपये आगे एएसआई जतिंदर को दिए थे।