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Ludhiana: संजू ने नौ साल पहले रखा था अपराध की दुनिया में कदम, पढ़ें- मुठभेड़ पर क्या बोले कारोबारी संभव जैन?

Fri, 01 Dec 2023 12:19 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, विकास मल्होत्रा, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, विकास मल्होत्रा, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 01 Dec 2023 12:19 AM IST
सार

होजरी कारोबारी संभव जैन ने पुलिस का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सोचा नहीं था कि पुलिस इतनी जल्दी इतनी बड़ी कार्रवाई करेगी। अगर पुलिस की ऐसी कार्रवाई नहीं होती तो कई और कारोबारियों के साथ घटना हो सकती थी।

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Businessman Sambhav Jain reacted on Ludhiana encounter
लुधियाना मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब के लुधियाना में कारोबारी संभव जैन को अगवा करने के आरोपी दो गैंगस्टरों को पुलिस ने बुधवार को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। मुठभेड़ में संजीव कुमार उर्फ संजू बामण और शुभम उर्फ गोपी ने जान गंवाई थी। संजू कई बार फायरिंग कर लुधियाना में दहशत फैला चुका था। संजू बामण ने नौ साल पहले अपराध की दुनिया में कदम रखा था। पहली बार संजू ने बस्ती जोधेवाल इलाके में मारपीट के दौरान गोली चलाई थी। 

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13 दिन पहले संजू बामण ने कारोबारी संभव जैन को गोली मारी थी। उसी के बाद वह भागता फिर रहा था। 13 दिन बाद वह खुद पुलिस की गोली का शिकार बन गया। इसके साथ ही पुलिस ने गैंगस्टर गोपी को भी ढेर कर दिया।
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गैंगस्टर संजू बामण के एनकाउंटर की खबर जब पिता को मिली तो वह डेरा ब्यास में माथा टेकने जा रहे थे। सूचना मिलने पर तुरंत घर लौटे। संजू के पिता राज कुमार ने बताया कि संजू उनके कहने में नहीं था। बचपन में वह ऐसा नहीं था। उसकी मां भावना रानी की करीब 10 साल पहले मौत हो गई। इसके बाद से वह किसी की नहीं सुनता था। उसकी शिकायतों से तंग आकर पिता ने करीब 10 साल पहले बेदखल कर दिया था। पिता राज कुमार ने बताया कि संजू की हरकतों की वजह से उनका काम भी पूरी तरह से ठप हो गया था। घर के बर्तन तक बिक गए। पैसे न होने के कारण वह दो वक्त की रोटी को भी मोहताज थे।

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कुछ समय पहले दोनों को मिली थी जमानत

गैंगस्टर शुभम गोपी और संजू बामण अच्छे थे। दोनों अवैध हथियार रखने और सप्लाई करने के आरोप में जेल गए थे। दोनों करीब तीन-चार महीने पहले जमानत पर बाहर आए थे और उन्होंने बाहर आते ही अपना गैंग बना लिया। गैंगस्टर गोपी के परिवार वाले संजू के घर के पास शिमला कॉलोनी काकोवाल रोड पर रहते थे लेकिन गोपी की हरकतों की वजह से उन्होंने गांव नूलवाला इलाके में कहीं घर ले लिया था। गोपी के एनकाउंटर के बाद पुलिस काफी समय तक गोपी के परिवार का पता लगाती रही। पुलिस के पास उसके पुराने घर का पता था लेकिन वहां परिवार नहीं था। किसी तरह से पुलिस ने गोपी के परिवार का पता लगाया।

पुलिस इतनी जल्दी बड़ी कार्रवाई कर देगी... सोचा नहीं था: संभव जैन

होजरी कारोबारी संभव जैन ने पुलिस का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सोचा नहीं था कि पुलिस इतनी जल्दी इतनी बड़ी कार्रवाई करेगी। अगर पुलिस की ऐसी कार्रवाई नहीं होती तो कई और कारोबारियों के साथ घटना हो सकती थी। गैंगस्टरों की धमकियों के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने संभव जैन और उनके परिवार की सुरक्षा में पुलिस मुलाजिमों को तैनात किया है। इसके अलावा संभव जैन के घर के आसपास भी पुलिस गश्त करती नजर आई। पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चाहल अधिकारियों के साथ उन्हें मिलने पहुंचे।

सिर पर गोली लगने से हुई दोनों की मौत

गैंगस्टर संजू बामण और शुभम गोपी के शवों का गुरुवार की शाम पोस्टमार्टम हुआ। रिपोर्ट के अनुसार संजू संजू बामण के सिर, दोनों कंधों, पेट और हाथ पर गोली लगी। सिर में लगी गोली निकाल कर पुलिस के हवाले कर दी गई है, जबकि बाकी पांच गोलियां आर-पार हो गई थीं। सिर में लगी गोली की वजह से संजू की मौत हुई है। गैंगस्टर गोपी को दो गोलियां लगी हैं। एक गोली सिर में और दूसरी गोली छाती के पास लगी है। दोनों गोलियां आर-पार हो गईं। सिर में लगी गोली के कारण गैंगस्टर गोपी की भी जान गई है।
 

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