एक करोड़ का विवाद: तमिलनाडु से बुलाकर कर्मचारी के साथ की ऐसी शर्मनाक हरकत... पत्नी ने भी दिया साथ
विराट फीड कंपनी का कारोबार तमिलनाडु में भी चलता है। 13 मई को आरोपी हर्षित बंसल ने बी प्रकाशन को पंचकूला बुलाया और उसे घर में बंधक बना लिया।
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पंचकूला सेक्टर-16 के एक व्यापारी ने अपने ही कर्मचारी को फंसाने की गहरी साजिश रच डाली। हर्षित बंसल नामक व्यापारी ने तमिलनाडु निवासी अपने कर्मचारी बी. प्रकाशन को तीन दिन बंधक बनाकर रखा। यही नहीं उसके खिलाफ पत्नी से छेड़छाड़ का झूठा मामला दर्ज करवा दिया। हालांकि इसका समय रहते खुलासा हो गया और पुलिस ने हर्षित बंसल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विराट फीड कंपनी का मालिक है हर्षित
हर्षित बंसल के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मुताबिक बी प्रकाशन ने आरोप लगाया है कि हर्षित विराट फीड कंपनी का मालिक है, जिसका कारोबार तमिलनाडु में भी चलता है। पीड़ित बी. प्रकाशन निवासी मकान नंबर 214 टीचर कॉलोनी वेस्ट शहर व जिला नामकल तामिलनाडु के रहने वाले हैं और तमिलनाडु में ही फीड कंपनी में बतौर सेल्स मैनेजर कार्यरत हैं।
लंच के नाम पर ले गया था घर और बनाया बंधक
जानकारी के मुताबिक 13 मई को हर्षित बंसल ने बी. प्रकाशन को कंपनी के एक करोड़ रुपये के हिसाब के लिए तमिलनाडु से हवाई यात्रा के जरिये टिकट बुक कर पंचकूला बुलाया। पंचकूला पहुंचने पर प्रकाशन से कार्यालय में बातचीत करने के बाद लंच के नाम पर अपने घर ले गया। वहां 16 मई तक बंधक बनाकर रखा। बी प्रकाशन का आरोप है कि 16 मई की शाम को हर्षित बंसल की पत्नी गेट की तरफ से चिल्लाती हुई आई। हर्षित ने चिल्लाने की वजह पूछी तो कहा कि बी प्रकाशन ने उसके साथ छेड़खानी की है।यह भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी कर रहे थे लीक: गुरदासपुर पुलिस ने दो जासूसों को पकड़ा, तीन फोन और कारतूस बरामद
इसके बाद हर्षित बंसल ने बी. प्रकाशन को धमकाते हुए कहा कि जब तक तू हमारे रुपये नहीं देगा, तब तक तुझे कहीं जाने नहीं देंगे। थोड़ी देर बाद 112 नंबर पर फोन कर पुलिस बुला ली और सेक्टर-14 थाने में पत्नी से छेड़छाड़ का झूठा केस दर्ज करवा दिया। मामले को और मजबूत करने के लिए नौकरानी को भी झूठ में शामिल करने का प्रयास किया। आरोपी ने उसे गोली मारने की धमकी दी और झूठा केस दर्ज करवाकर रुपये ऐंठने की कोशिश की।
एक करोड़ का है मामला
बी. प्रकाशन के मुताबिक तमिलनाडु के किसानों को करीब एक करोड़ रुपये की फीड दी गई थी, जिसका पैसा किसानों और पोल्ट्री मालिकों की ओर से दिया जाना है। यह पैसा दिलाने के लिए हर्षित बंसल और उसका छोटा भाई आशीष बंसल फोन बी प्रकाशन को फोन करते थे।डीसीपी क्राइम को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी
इससे पहले 12 मई को हर्षित बंसल ने डीसीपी पंचकूला से मुलाकात कर बी. प्रकाशन पर मौखिक रूप से कंपनी के रुपयों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। डीसीपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लिखित शिकायत देने को कहा और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस दौरान बंसल ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी और 13 मई को बी. प्रकाशन को तमिलनाडु से पंचकूला बुला लिया। फिलहाल पुलिस कमिश्नर ने जांच की जिम्मेदारी डीसीपी क्राइम अमित दहिया को सौंपी है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि अगर इस मामले में किसी भी पुलिस अधिकारी की संलिप्तता पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस तरह हुआ मामले का खुलासा
पुलिस कमिश्नर शिबास कविराज के ध्यान में मामला आने के बाद शनिवार को रात करीब 11 बजे डीसीपी हिमाद्रि कौशिक और डीसीपी अमित दहिया को सेक्टर-16 चौकी में भेजा। इस दौरान उन्होंने मामले की पूरी सच्चाई जानने के लिए तमिलनाडु के बी प्रकाशन से पूछताछ की। पूछताछ में बी प्रकाशन ने माना कि एक करोड़ रुपये का सामान बेचा गया है। जिसके रुपये अभी आने हैं। रुपये नहीं देने पर नौकरानी और व्यापारी की पत्नी ने उस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए 112 नंबर पर फोन कर केस दर्ज करवाया है। इसके बाद पुलिस ने व्यापारी से और उसके परिवार से भी पूछताछ की। जांच के बाद व्यापारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया।बी प्रकाशन के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगर इसमें किसी पुलिस कर्मी की कोई मिलीभगत पाई जाती है तो उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अमित दहिया, डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक पंचकूला पुलिस