मुख्यारोपी ने खोला बहनों की 'बहादुरी' का सच
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रोडवेज बस में कथित छेड़छाड़ व मारपीट मामले के मुख्य आरोपी कुलदीप ने बहनों की 'बहादुरी' का सच खोला। कुलदीप ने एसपी से मुलाकात कर लड़कियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है।
उसने पत्र सौंपकर कहा है कि दोनों लड़कियों ने उस पर बिना बात हमला किया। वहीं, कुलदीप के पिता ने थल सेनाध्यक्ष को पत्र भेजकर दोनों आरोपियों को सेना भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल करने की अपील की है।
एसपी को दिए शिकायत पत्र में कुलदीप ने कहा है कि 28 नवंबर को बस में वह केवल बुजुर्ग महिला की सीट को लेकर कह रहा था, लेकिन दोनों लड़कियां गाली देने लगीं। एक बुजुर्ग महिला के कहने पर वह और मोहित आगे जाकर खड़े हो गए। गांव के नजदीक पहुंचने पर बस के दरवाजे के पास पहुंचे तो उन दोनों बहनों ने लात घूंसों व बेल्ट से उस पर हमला कर दिया।
मैंने बचाव करने का प्रयास भी किया। सामाजिक डर के कारण मैंने उन पर हाथ नहीं उठाया। एक अन्य महिला ने वीडियो बनाया, जिसे फोन भी खुद इन्हीं लड़कियों ने दिया था। वह महिला भी इनके गिरोह में शामिल है।
लड़कियों ने दी थी जान से मारने की धमकी
कुलदीप ने शिकायत में कहा कि जब वह वहां से भागा तो दोनों लड़कियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान उन्हीं दोनों लड़कियों ने झूठी शिकायत दे दी। इससे वह मानसिक तनाव में आ गया और आज भी तनाव में है। इसी वजह से वह अपनी शिकायत समय पर नहीं दे पाया।
पिता ने लिखा थल सेनाध्यक्ष को पत्र
आरोपी कुलदीप व दीपक का सेना भर्ती के लिए फिजिकल और मेडिकल टेस्ट क्लीयर है। इस मामले के बाद उनकी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई गई। इसी बात को लेकर कुलदीप के पिता बलबीर सिंह ने थल सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग को पत्र लिखा है कि उनके बेटे कुलदीप को गलत फंसाया गया है और दीपक को भी। इसलिए उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए और उन्हें लिखित परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए।