Tarn Taran Attack: बम निरोधक दस्ते ने रॉकेट लॉन्चर किया नष्ट, पांच संदिग्ध हिरासत में, जेल में नौ से पूछताछ
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हमलावर पांच थे। दो बाइक व एक ब्रेजा कार में सवार होकर हरिके पत्तन की तरफ से आए थे। हरिके पत्तन व सरहाली के बीच उन्होंने हाईवे पर एक ढाबे पर खाना भी मांगा था लेकिन ढाबा मालिक ने इनकार कर दिया था।
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पंजाब के तरनतारन जिले के थाना सरहाली पर आरपीजी हमले के बाद रविवार को बम निरोधक दस्ते ने हरिके में एक रॉकेट लॉन्चर को नष्ट किया है। बम निरोधक दस्ते की टीम ने रविवार को थाना सरहाली से रेत से भरी बोरियों के बीच रॉकेट लॉन्चर को रखकर कड़ी सुरक्षा में सुनसान क्षेत्र में ले जाकर उसे नष्ट किया।
पुलिस ने पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया
इस मामले में अब तक तरनतारन से दो और अमृतसर से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। केंद्रीय जेल गोइंदवाल साहिब में बंद एक अपराधी समेत नौ लोगों से पूछताछ की गई है। वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम भी जांच करने पहुंच गई है। एनआईए ने सरहाली से 14 किलोमीटर दूर हरिके पत्तन में आतंकी लखबीर सिंह लंडा के घर पर छापा भी मारा। घर पर कोई नहीं मिला। घर के पास ट्यूबवेल पर खोजबीन की।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की शह पर खालिस्तान समर्थक आतंकियों ने इस हमले की साजिश रची थी। इस घटना को मोहाली हमले से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कनाडा व अन्य देशों में बैठे आतंकियों व गैंगस्टरों के गठजोड़ से हमले को अंजाम दिया गया है।
हमलावरों ने ढाबे पर मांगा था खाना, पांच में से एक दिव्यांग
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हमलावर पांच थे। दो बाइक व एक ब्रेजा कार में सवार होकर हरिके पत्तन की तरफ से आए थे। हरिके पत्तन व सरहाली के बीच उन्होंने हाईवे पर एक ढाबे पर खाना भी मांगा था लेकिन ढाबा मालिक ने इनकार कर दिया था। ढाबे के पास एक सीसीटीवी कैमरे में उनकी तस्वीरें कैद हुई हैं। ढाबा मालिक के अनुसार इनमें एक सिख था और दिव्यांग था। अन्य चार हिंदी में बात कर रहे थे।
हमले के समय थाने में मौजूद थे नौ पुलिसकर्मी
शुक्रवार रात जब हमला हुआ तो थाना सरहाली के एसएचओ इंस्पेक्टर प्रकाश सिंह, ड्यूटी अफसर एएसआई परमजीत सिंह, मुंशी एएसआई बिशन दास समेत नौ पुलिसकर्मी मौजूद थे। थाने के गेट पर संतरी नरिंदर सिंह तैनात थे। रात 11:22 मिनट पर जोरदार धमाका हुआ। आवाज सुनकर मुंशी एएसआई बिशन दास अपने कमरे से गेट पर पहुंचे तो धुएं का गुबार देखा।
उन्होंने अधिकारियों को सूचना दी लेकिन रात को कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। मोबाइल फॉरेंसिक साइंस यूनिट (एमएफएसयू) फिरोजपुर की टीम के अलावा भारतीय सेना, फॉरेंसिक जांच टीम मौके पर पहुंची। थाने के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में हमलावर कैद नहीं हो पाए। हमलावरों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली रवाना हो गई हैं।