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इस तरह चल रही थी खून की फैक्ट्री, धडल्ले से केमिकल लगा दोगुने दामों में आरोपी करते थे सप्लाई

Sun, 05 Aug 2018 07:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Updated Sun, 05 Aug 2018 07:08 PM IST
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Blood was being prepared by chemical in blood bank in Jalandhar
सांकेतिक तस्वीर
ब्लड बैंक में डोनेट किए गए खून में केमिकल मिलाकर मौत का खेल खेला जा रहा था। केमिकल के सहारे आरोपी ब्लड की मात्रा दोगुनी कर उसे महंगे दाम पर बेचते थे। मामला पंजाब के जालंधर का है। यहां, गुलाब देवी अस्पताल में पिछले दो सालों से चल रहे ब्लड बैंक मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 420 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
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पुलिस ने बीटीओ डॉ. हरजीत सिंह, टेक्निकल सुपरवाइजर भूपिंदर सिंह, टेक्नीशियन वेद प्रकाश पुत्र मंगा राम, टेक्नीशियन दिनेश कुमार और टेक्नीशियन बबलू के खिलाफ धारा 420, 465, 468, 471, 120बी के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। 
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मामले की भनक लगते ही अस्पताल पहुंचे जोनल लाइसेंसिंग अथारिटी करुण सचदेवा, ड्रग इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह, अनुपमा कालिया, नवदीप सिंह और सहायक दिनेश कुमार की टीम ने जब ब्लड बैंक की सील खोलकर रिकार्ड चैक किया तो उसमें काफी खामियां मिलीं। वहीं मामले के बाद गुलाब देवी अस्पताल के ब्लड बैंक का लाइसेंस रद्द हो सकता है।
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यह था मामला 
गुलाब देवी अस्पताल में खुले ब्लड बैंक में लोगों की तरफ से डोनेट किए गए खून के बैग को केमिकल मिला कर दोगुना कर मंहगे रेट में बेचा जाता था। ब्लड में कैमिकल मिक्स करके नेगेटिव ग्रुप का ब्लड ग्रुप तैयार कर पांच हजार रुपये तक बेचा जाता था। पिछले दिनों एक अस्पताल में जब रक्त वाहिनी ने ब्लड बैग भेजा तो रक्तदान करने वाली संस्था के नीरज बख्शी को शक हुआ। 

उन्होंने गुलाब देवी अस्पताल के ब्लड बैंक में गड़बड़ी पाए जाने की शिकायत ड्रग लाइसेंसिंग अथारिटी के चेयरमैन को दी। इसके बाद शनिवार देर रात ड्रग विभाग की टीम ने रक्त वाहिनी ब्लड बैंक को सील कर दिया। नीरज बख्शी और अन्य संस्थाओं के नुमाइंदों ने कहा कि हाईकोर्ट में चल रही पीआईएल सीडब्लयूपी 15511/2015 में इस केस को अटैच करवाने के लिए वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। 

जांच के दौरान मिली खामियां

Blood was being prepared by chemical in blood bank in Jalandhar
सांकेतिक तस्वीर
1 - ब्लड बैंक से 44 ब्लड बैग मिले, जिनमें 24 बैग बाहर खुले में रखे हुए थे।
2- रजिस्टर में 13 ब्लड बैग दर्ज थे, लेकिन छापेमारी में 44 ब्लड बैग मिले 
3- छापेमारी के दौरान ड्रग विभाग को गैरकानूनी तौर पर लगाए गए रजिस्टर व अन्य दस्तावेज मिले  
4- छापेमारी के दौरान विभाग को एक लाख 37 हजार 380 रुपये भी मिले

हमने तो किराए पर जगह दी थी : पसरीचा
गुलाब देवी अस्पताल के प्रबंधक डॉ. राजेश पसरीचा ने कहा कि हमने तो जगह किराए पर दी, अब हमें क्या पता कि किराएदार क्या कर रहा है। जब उनसे किराएदार के बारे में पुलिस को सूचित किए जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी जगहों पर पुलिस को किराएदार के बारे में सूचित करना जरूरी नहीं होता।  
 वहीं थाना नंबर दो के प्रभारी मनमोहन सिंह का कहना है कि अस्पताल जैसी जगहों पर इस मामले में रियायत होती है। फिर भी वह इस बारे में पता करवाएंगे। मामले की जांच चल रही है व जांच के बाद ही सारी स्थिति साफ हो सकेगी। 
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