{"_id":"c249431bd5927c8522ed414a4f4e369b","slug":"billions-of-chandigarh-heritage-furniture-robbed-by-ladies-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"OMG! दो महिलाओं ने चुराया था करोड़ों का हेरिटेज फर्नीचर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
OMG! दो महिलाओं ने चुराया था करोड़ों का हेरिटेज फर्नीचर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 03 Feb 2016 09:53 AM IST
विज्ञापन
आर्ट कॉलेज से करोड़ों का हेरिटेज फर्नीचर दो महिलाओं ने चुराया था। मामले में दो कबाड़ियों को गिरफ्तार करके 10 कुर्सियां बरामद की गई हैं। इसके साथ ही पुलिस ने मामला सुलझा लेने का दावा किया है। पुलिस चोरी की रात आर्ट कॉलेज के आसपास एक्टिवेट मोबाइल नंबरों की जांच से कबाड़ियों तक पहुंची।
विज्ञापन
कबाड़ियों से चोरी की 15 में से 10 कुर्सियां बरामद कर ली गईं हैं। हालांकि पुलिस को अभी दो महिलाओं समेत चार लोगों की तलाश है, जिन्होंने चोरी को अंजाम दिया है। वहीं पुलिस उस व्यक्ति की जांच में भी जुटी हुई है, जो मुंबई से हेरिटेज फर्नीचर के संबंध में लगातार कबाड़ी से पूछता रहता था।
विज्ञापन
पकड़े गए आरोपियों की पहचान सेक्टर-25 निवासी सुनील कुमार और कांसल निवासी फकीर चंद के रूप में हुई है, जबकि सेक्टर-25 निवासी स्वीटी, शकीला, अनिल और राजेश अभी भी फरार हैं। पांच कुर्सियां धनास के एक गोदाम से बरामद हुईं, जो सुनील का था। जबकि अन्य पांच कुर्सियां फकीर चंद के कांसल स्थित गोदाम से बरामद हुईं हैं। बाकी का फर्नीचर उन दोनों महिलाओं के पास है, जिन्होंने चोरी को अंजाम दिया था।
विज्ञापन
महिलाओं ने कॉलेज में ऐसे घुसकर चुराया फर्नीचर
एसएसपी सुखचैन सिंह गिल का दावा है कि 18-19 जनवरी की रात को पहले सेक्टर-25 की स्वीटी और शकीला कंटीली तार काटकर कॉलेज में घुसीं। स्टोर रूम का ताला तोड़कर एक-एक कर कुर्सी और टेबल निकालकर बाहर रखा। इसके बाद उन्होंने करीब 3:30 बजे अपने दूसरे साथियों अनिल, राजेश और सुनील को कॉलेज के बाहर फोन कर बुलाया। इसके बाद सभी ने कुर्सियां और टेबल टाटा एस में लोड कीं और निकल गए। टाटा एस अनिल का था।
ऐसे कबाड़ी सुनील तक पहुंची पुलिस
एसएसपी गिल ने बताया कि वारदात की रात डंप डाटा के जरिए कॉलेज के आसपास एक्टिवेट रहे मोबाइल नंबरों की जांच कर पुलिस इन आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने डंप डाटा के आधार पर करीब 150 मोबाइल नंबरों की जांच की थी। इनमें से पांच मोबाइल नंबरों को संदिग्ध मानते हुए जांच की गई तो आरोपी पकड़ में आ गए। सामान निकालकर जो कॉल महिला ने सुनील को की थी, उसी ने कबाड़ी सुनील तक पहुंचा दिया।
फकीर चंद ने दोनों महिलाओं से ली थी कुर्सियां
पुलिस ने बताया कि फकीर चंद अक्सर नीलामियों में हिस्सा लेता था। कई बार नीलामियों से वह ऐसे फर्नीचर खरीद चुका है। जांच में उसने माना है कि उसने स्वीटी और शकीला से पांच कुर्सियां ली थीं। फकीर चंद को इन हेरिटेज कुर्सियों की कीमत का अंदाजा था। वह सुनील से पहले से ही परिचित था। उसने महिलाओं से कुर्सियों का कोई दाम तय नहीं किया था। यह जरूर तय हुआ था कि कुर्सियों को बेचने पर जो दाम मिलेगा, उन्हें उसमें से हिस्सा दे दिया जाएगा।
मुंबई से आती थी कॉल
फकीर चंद ने बताया कि उसे अक्सर मुंबई से फोन आता था। कॉल करने वाला हमेशा पूछता था कि उसके पास कोई हेरिटेज से जुड़ा फर्नीचर या सामान तो नहीं है। वह कहता था कि अगर ऐसा कोई फर्नीचर उसके पास आए तो वह उसे जरूर बताए। पुलिस को शक है कि मुंबई से फोन करने वाला व्यक्ति ही हेरिटेज फर्नीचर चोरी करवाकर विदेशों में भेजता है।
सुलझ सकता है ली कार्बूजिए सेंटर से चोरी का मामला
पुलिस का कहना है कि अब सेक्टर-19 स्थित ली कार्बूजिए सेंटर से चोरी का मामला भी सुलझने की उम्मीद जगी है। जब सभी आरोपी गिरफ्त में आ जाएंगे, तो यह मामला भी सुलझ सकता है।
अभी तक किसी कर्मचारी की संलिप्तता नहीं आई सामने
पुलिस का कहना है कि अभी आरोपियों ने चोरी में कॉलेज के किसी कर्मचारी की मिलीभगत के बारे में कुछ नहीं बताया है। बुधवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा और अन्य इस बारे में पूछताछ की जाएगी।