किसान आंदोलन : पंजाब के किसान की हत्या का राज खुला, भाभी के कहने पर प्रेमी ने ली थी जान
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हरियाणा के टीकरी बॉर्डर पर पंजाब के आंदोलनरत किसान हाकम सिंह की हत्या का खुलासा हो गया है। हत्या का पर्चा दर्ज कराने वाली भाभी ने ही अपने प्रेमी के हाथों देवर का कत्ल कराया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को अदालत में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। आरोपियों की पहचान पंजाब के मोगा जिले के लोपो गांव निवासी कुलवंत और बठिंडा के गांव पट्टी निवासी कर्मजीत के रूप में हुई थी।
25 मार्च की देर शाम को सेक्टर-9 बाईपास स्थित नए बस अड्डे के पीछे खेतों में एक आंदोलनकारी किसान का शव मिला था। गला रेतकर हत्या की गई थी। कपड़ों में मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान करीब 61 वर्षीय हाकम सिंह निवासी बठिंडा के रूप में हुई थी। अगले दिन 26 मार्च को भाभी कर्मजीत ने आकर बयान दिए थे। तब हत्या का केस दर्ज हुआ था।
जांच आगे बढ़ी तो शक की सूई हाकम की भाभी कर्मजीत पर ही जाकर टिकी। इस संबंध में पुलिस ने एक आरोपी मोगा निवासी कुलवंत को बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन से काबू किया। पूछताछ में उसने वारदात कबूली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद किया। इसके बाद आरोपी मृतक हाकम सिंह की भाभी कर्मजीत को बठिंडा पंजाब के पट्टी गांव से गिरफ्तार किया गया।
जानकारी के अनुसार कर्मजीत कौर की कुलवंत से दोस्ती थी। दोनों के संबंधों के बारे में उसके देवर हाकम सिंह को पता चल गया था। यही वजह उसकी हत्या का कारण बन गई। कर्मजीत ने हाकम सिंह को रास्ते से हटाने की साजिश रचनी शुरू कर दी। इसके लिए उसने अपने प्रेमी कुलवंत को उकसाया, उस पर दबाव बनाया। हाकम किसान आंदोलन से लगातार जुड़ा हुआ था लेकिन फिर वापस गांव चला गया। 25 मार्च को उसके साथ कुलवंत भी आंदोलन में आ गया था। दोपहर को यहां आते ही कुलवंत ने हाकम सिंह को शराब पिलाई और मौका मिलते ही उसका गला रेत दिया।
हत्या के इस मामले में सीआईए, साइबर सहित कई टीमों ने जांच की थी। आरोपी कर्मजीत के कहने पर कुलवंत ने हाकम सिंह की हत्या की थी। दोनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। - विजय कुमार, इंस्पेक्टर, थाना शहर, बहादुरगढ़।