गेटमैन संग बर्बरता : दराती से काटे गए थे गेटमैन के हाथ, स्पेशल कमांडो टीम ने सोनीपत में डाला डेरा
दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग पर सफियाबाद फाटक पर तैनात गेटमैन के साथ बर्बरता के मामले में गेटमैन के बयान के बाद पुलिस के हाथ कई सुराग लगे हैं। गेटमैन ने हमला करने आए युवकों पर पहले उसके साथी कर्मी के बारे में पूछताछ करने की बात कही है। बाद में वापस जाने और अचानक केबिन में घुसकर हमला करने का आरोप लगाया है।
पवन खत्री ने भी उसका डेढ़ साल पहले फाटक पर झगड़ा होने की बात कही है। वहीं मामले की जांच के लिए डीएसपी के नेतृत्व में जीआरपी सोनीपत के साथ ही सीआईए अंबाला व रेवाड़ी की टीमों का गठन किया गया है। मामले को लेकर नार्दन रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर संजय किशोर ने भी सफियाबाद पहुंचकर जांच की।
विदित रहे कि मूलरूप से बिहार के जिला बांका के गांव बिसनपुर का रहने वाला कुंदन पाठक रेलवे में गेटमैन के पद पर नियुक्त है।
रविवार रात को वह 12 बजे ड्यूटी पर गया था। उसके साथ उससे मिलने गांव से आया उसका साथी चंदन कुमार भी था। कुंदन के ड्यूटी ज्वाइन करने के कुछ समय बाद तीन अज्ञात हमलावरों ने केबिन में घुसकर दोनों पर हमला कर कुंदन पाठक के कलाई के पास से हाथ बुरी तरह से काट दिए थे। चंदन कुमार को भी सिर में वार कर घायल कर दिया था। बाद में वह फरार हो गए थे।
रात करीब 12 बजकर 40 मिनट पर मूरी एक्सप्रेस का चालक सुखबीर सिंह ने सफियाबाद फाटक को खुला देखकर ट्रेन को रोक दिया था। उनके जांच करने पर दोनों घायल मिले थे। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में ले जाया गया था। पुलिस ने रेल पथ निरीक्षक राजाराम के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या प्रयास व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। घटना के बाद रेल कर्मियों ने तीन घंटे तक ट्रैक को जाम भी रखा था। हमले में घायलों की हालत स्थिर बनी हुई है।
यह दर्ज कराए बयान
इसी बीच वह दो अन्य साथियों क साथ केबिन में घुस गया और अंदर से दरवाजा बंद कर दरांती व लोहे की राड से उस पर व उसके साथी पर हमला कर दिया था। हमलावर उनके फोन और पर्स भी ले गए थे। परंतु बाद में उन्होंने पर्स को वहीं डाल दिया। हमलावर उनके तीन मोबाइल फोन ले गए। साथ ही रेलवे के लैंडलाइन फोन को तोड़ दिया था। जाते-जाते हमलावर गेटमैन कुंदन और उसके साथी को धमकी देकर गए थे कि अगर उन्होंने पुलिस को शिकायत की तो उन्हें जान से मार देंगे। हमलावरों ने कहा था कि वह सफियाबाद के रहने वाले हैं।
जांच टीम ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
मामले को लेकर डीएसपी संजय गौतम के नेतृत्व में जीआरपी सोनीपत के साथ ही सीआईए रेवाड़ी व अंबाला की टीमों का गठन किया गया है। मंगलवार को टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की है। जीआरपी थाना प्रभारी ताराचंद ने बताया कि पवन खत्री ने टीम को फोन पर बताया है कि उसका डेढ़ साल पहले कुछ युवकों ने फाटक पर झगड़ा हुआ था।
यह मामला कोर्ट में चल रहा था। जिसमें आरोपी उसे केस वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। हालांकि अभी पवन को बुलाया गया है उसके लिखित में बयान लिए जाएंगे। उन्होंने पवन का झगड़ा किन युवकों से उनके बारे में फिलहाल जानकारी नहीं दी है। पुलिस मामले को पवन खत्री से झगड़े से जोड़कर भी जांच कर रही है।
नार्दन रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर भी पहुंचे
नार्दन रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर संजय किशोर ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। उन्होंने जीआरपी व सीआईए से जल्द हमलावरों का पता लगाकर काबू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने करीब आधा घंटा तक घटनास्थल पर रहकर जांच की। उन्होंने मामले में जीआरपी की मदद के लिए आरपीएफ के 25 जवान भी उपलब्ध कराए हैं। जिससे जल्द हमलावरों को पकड़ा जा सके।
गेटमैन पर हमले के मामले में मौके पर जाकर जांच की है। मंगलवार को गेटमैन कुंदन के बयान लिए गए हैं। जिसके बाद हमले की रात की घटना के संबंध में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द हमलावरों का पता लगाकर काबू कर लिया जाएगा। डीएसपी के नेतृत्व में तीन टीम लगाई गई है। -संजय किशोर, प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर नार्दन रेलवे।
रेलवे की स्पेशल कमांडो टीम ने सोनीपत में डाला डेरा
दिल्ली-अंबाला रेल मार्ग पर सफियाबाद स्थित फाटक पर गेटमैन व उसके साथी के साथ हुई वारदात के बाद रेलवे में हड़कंप की स्थिति है। सुरक्षा को लेकर रेलवे सतर्क हो गया है। रेलवे ने गेटमैन व ट्रैक मैन की सुरक्षा के लिहाज से एडवाइजरी जारी की है। रेलवे का सुरक्षा तंत्र भी सक्रिय हो गया है। मंगलवार को रेलवे की स्पेशल कमांडो टीम ने सोनीपत व आसपास के स्टेशनों की सुरक्षा का जायजा लिया।
सुरक्षा का जायजा लेने पहुंची कमांडो टीम ने स्टेशन व आसपास लगते क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं, यात्रियों से भी सुरक्षा को लेकर बातचीत की। टीम ने इस दौरान जीआरपी टीम से भी सुरक्षा का फीडबैक लिया। इसके तहत सभी गेटमैनों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि उन्हें काम के दौरान किसी भी तरह का खतरा महसूस होता है तो वो तुरंत गेट को बंद कर दें और आरपीएफ और स्टेशन प्रबंधक से संपर्क करें।
रेलवे स्टेशन पर फाटकों के पास सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया है। जहां कमी है वहां पर सुरक्षा व्यवस्था को चौकस करने को लेकर जीआरपी के साथ बातचीत हुई है। कर्मियों की सुरक्षा को सभी प्रबंध करने का प्रयास किया जा रहा है। - अशोक, इंचार्ज, स्पेशल कमांडो टीम।