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गए थे लावारिस पशु पकड़ने, पिट कर लौटे
अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 24 Oct 2013 01:52 PM IST
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मोहाली में लावारिस पशुओं को पकड़ने वाली नगर निगम की टीम पर बुधवार को चौथी बार दिन दहाड़े हमला हुआ। घटना फेज-9 पेट्रोल पंप के पास हुई। हमला करने वालों में एक महिला समेत आठ लोग शामिल हैं।
हमले के बाद आरोपी निगम द्वारा पकड़े गए पशुओं को भी छुड़वा ले गए। घटना के बाद पीसीआर कर्मी मौके पर पहुंचे। निगम के अफसरों ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
मुलाजिमों ने साफ किया है कि जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती है, वे दोबारा पशुओं को नहीं पकड़ेंगे।
निगम मुलाजिमों के मुताबिक बुधवार दोपहर ढाई बजे वे फेज -9 में पेट्रोल पंप के साथ लगते डपिंग ग्राउंड के पास पशुओं को पकड़ रहे थे।
कुछ पशु काबू कर लिए थे और पच्चीस को घेरकर पकड़ने की कार्रवाई चल रही थी। इसी बीच एक मारुति कार और बाइकों पर आठ लोग वहां आए। उन्होंने मुलाजिमों से हाथापाई और बहस करनी शुरू कर दी। टीम की अगुवाई कर रहे इंस्पेक्टर केसर सिंह ने किसी तरह बचकर 100 नंबर पर फोन कर दिया।
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पुलिस पहुंची, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई
फोन के तुरंत बाद पीसीआर के जवान मौके पर पहुंचे। इसके बावजूद उन्होंने हमले के आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। मौका पाकर हमले के आरोपी धीरे से वहां से खिसक गए। हमला करने वालों में पांच लोग कुंभड़ा, एक मटौर और दो लोग चिल्ला के थे। उनकी पहचान हो गई है।
सूचना मिलते ही निगम के एसई बीडी सिंगला भी पहुंचे। उन्होंने मुलाजिमों को ऑफिस चलने और कार्रवाई करने का भरोसा दिया। जैसे ही मुलाजिम ऑफिस के लिए निकले तो पुलिस जवानों ने मुलाजिमों को रोक लिया। करीब डेढ़ घंटे तक वे मुलाजिमों से बहस करते रहे। शाम चार बजे तक सारा ड्रामा चलता रहा।
एसएसपी को शिकायत देगा निगम
इससे पहले टीम पर सितंबर और अक्तूबर में भी तीन बार हमला हो चुके हैं। ये हमले फेज-11, मटौर और फेज-7 के पेट्रोल पंप के पास रात के समय हुए थे। निगम के एसई बीडी सिंगला ने कहा कि वीरवार को इस संबंध में वह एसएसपी को लिखित में शिकायत देंगे ताकि आरोपियों पर कार्रवाई हो सके।
केवल दिन में पकड़े जाते थे पशु
इसी महीने एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने पशु पकड़ने वाले टीम को आश्वासन दिया था कि उन्हें पूरी सुरक्षा प्रधान की जाएगी। इसके बाद टीम के मुलाजिम दोबारा लौटे थे। पशु पकड़ने वाली टीम ने सुरक्षा के चलते तय किया था कि आगे से वे केवल दिन में ही लावारिस पशु पकड़ेंगे।
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हमले के बाद आरोपी निगम द्वारा पकड़े गए पशुओं को भी छुड़वा ले गए। घटना के बाद पीसीआर कर्मी मौके पर पहुंचे। निगम के अफसरों ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
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मुलाजिमों ने साफ किया है कि जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती है, वे दोबारा पशुओं को नहीं पकड़ेंगे।
निगम मुलाजिमों के मुताबिक बुधवार दोपहर ढाई बजे वे फेज -9 में पेट्रोल पंप के साथ लगते डपिंग ग्राउंड के पास पशुओं को पकड़ रहे थे।
कुछ पशु काबू कर लिए थे और पच्चीस को घेरकर पकड़ने की कार्रवाई चल रही थी। इसी बीच एक मारुति कार और बाइकों पर आठ लोग वहां आए। उन्होंने मुलाजिमों से हाथापाई और बहस करनी शुरू कर दी। टीम की अगुवाई कर रहे इंस्पेक्टर केसर सिंह ने किसी तरह बचकर 100 नंबर पर फोन कर दिया।
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पुलिस पहुंची, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई
फोन के तुरंत बाद पीसीआर के जवान मौके पर पहुंचे। इसके बावजूद उन्होंने हमले के आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। मौका पाकर हमले के आरोपी धीरे से वहां से खिसक गए। हमला करने वालों में पांच लोग कुंभड़ा, एक मटौर और दो लोग चिल्ला के थे। उनकी पहचान हो गई है।
सूचना मिलते ही निगम के एसई बीडी सिंगला भी पहुंचे। उन्होंने मुलाजिमों को ऑफिस चलने और कार्रवाई करने का भरोसा दिया। जैसे ही मुलाजिम ऑफिस के लिए निकले तो पुलिस जवानों ने मुलाजिमों को रोक लिया। करीब डेढ़ घंटे तक वे मुलाजिमों से बहस करते रहे। शाम चार बजे तक सारा ड्रामा चलता रहा।
एसएसपी को शिकायत देगा निगम
इससे पहले टीम पर सितंबर और अक्तूबर में भी तीन बार हमला हो चुके हैं। ये हमले फेज-11, मटौर और फेज-7 के पेट्रोल पंप के पास रात के समय हुए थे। निगम के एसई बीडी सिंगला ने कहा कि वीरवार को इस संबंध में वह एसएसपी को लिखित में शिकायत देंगे ताकि आरोपियों पर कार्रवाई हो सके।
केवल दिन में पकड़े जाते थे पशु
इसी महीने एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने पशु पकड़ने वाले टीम को आश्वासन दिया था कि उन्हें पूरी सुरक्षा प्रधान की जाएगी। इसके बाद टीम के मुलाजिम दोबारा लौटे थे। पशु पकड़ने वाली टीम ने सुरक्षा के चलते तय किया था कि आगे से वे केवल दिन में ही लावारिस पशु पकड़ेंगे।