ASI ने निकलवाई भाजपा नेता की डिटेल, CCTV में कैद
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एएसआई ने नकली थानेदार बनकर भाजपा नेता की अकाउंट डिटेल निकलवा ली। पूरी घटना बैंक के सीसीटीवी में कैद हो गई। फुटेज खंगालने पर ही घटना का खुलासा हुआ, नहीं तो एएसआई किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था। एएसआई को हिरासत में लेकर उस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
एएसआई ने भाजपा के प्रदेश महामंत्री चंद्रप्रकाश कथूरिया के अकाउंट की डिटेल निकलवाई। डिटेल पंजाब नेशनल बैंक से निकलवाई गई। मामले का खुलासा होने पर सिविल लाइन पुलिस ने एएसआई के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
साथ ही आरोपी को हिरासत में ले लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। भाजपा नेता इस मामले में किसी बड़ी साजिश होने की बात कह रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि फिलहाल पूरे केस को गंभीरता से जांचा जा रहा है।
पुलिस वर्दी में आया था डिटेल लेने
भाजपा नेता चंद्र प्रकाश कथूरिया ने सिविल लाइन थाना पुलिस को शनिवार को शिकायत की है कि सदर थाने के एएसआई उमेद सिंह द्वारा सेक्टर-13 स्थित पीएनबी के अकाउंट्स से उसके जरूरी दस्तावेज निकलवाए गए हैं। अकाउंट डिटेल लेने के लिए उमेद सिंह ने एक फर्जी प्रार्थना पत्र लिखा, जिस पर आर्थिक अपराध शाखा के एएसआई धर्म सिंह लिखा है।
बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह सब रिकॉर्ड है। मामले की भनक लगने पर भाजपा नेता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। बैंक की फुटेज से आर्थिक अपराध शाखा के अफसर की जांच की, तो इसकी पहचान सदर थाना में तैनात एएसआई उमेद सिंह के रूप में हुई। वह बैंक में पुलिस वर्दी में गया और नौ अप्रैल को सारा रिकॉर्ड ले गया।
कथूरिया ने पुलिस को बताया कि यह एक बड़ा षड्यंत्र हो सकता है और इसमें अन्य आरोपी भी मिले हुए हो सकते हैं। पुलिस को बताया कि यह बड़ा गिरोह हो सकता है।
उमेद सिंह ने इस तरह फर्जी दस्तावेजों के साथ फर्जी अफसर बनकर अपराध किया है। ड्यूटी का मिसयूज किया है। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उधर, मामले में एएसआई का नाम आने पर करनाल पुलिस की फजीहत हो रही है।
2008 से अब तक की मांगी डिटेल
बैंक मैनेजर को दिए पत्र में एएसआई उमेद सिंह फर्जी तौर पर आर्थिक अपराध शाखा का अफसर धर्मसिंह बना। किसी मामले की जांच के लिए उसने बैंक से एक जनवरी 2008 से नौ अप्रैल 2015 तक अकाउंट की स्टेटमेंट निकलवाई सहित अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए। बैंक से दस्तावेज जाते ही दो घंटे के बाद कथूरिया ने मामले का पता चला और बैंक में जाकर मामले की जानकारी ली।
बैंक से फुटेज से हुआ खुलासा
बैंक के सीसीटीवी चैक किए गए और सीडी बनवाकर एसपी अभिषेक गर्ग को दी गई। एसपी सहित अन्य अन्य अधिकारियों ने सीडी को देखा। इसमें एएसआई उमेद सिंह के घूमने फिरने की पष्टि हो गई। उसी ने बैंक से दस्तावेज लिए। पुलिस ने सबूतों के हिसाब से एएसआई के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
गेट पर लगवाया सीसीटीवी कैमरा और गार्ड
सिविल लाइन थाना में चंद्रप्रकाश कथूरिया ने बताया कि वह इस केस से बहुत परेशान हुआ। तुरंत अपनी सुरक्षा करने के लिए सेक्टर-13 स्थित आवास के गेट पर सीसीटीवी कैमरा लगवाया।
एक सिक्योरिटी गार्ड तैनात किया, ताकि आने जाने वाले लोगों की एंट्री हो सके। संदिग्ध पर नजर रखी जाए। फिलहाल कथूरिया के घर पर आने जाने वालों के चेक किया जा रहा है। कथूरिया इस मामले में कई अन्य के शामिल होने की आशंका जताई है।
चंद्रप्रकाश कथूरिया की शिकायत पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। शुरुआती जांच में ही मामला धोखाधड़ी का लग रहा है। आरोपी एएसआई को हिरासत में ले लिया है, अन्य आरोपियों की पहचान करके कार्रवाई की जाएगी। एएसई उमेद सिंह ने यह धोखाधड़ी किसके कहने पर की और क्यों की, सहित अन्य सवालों को जांच में लेकर कार्रवाई करेंगे।
-अभिषेक गर्ग, एसपी करनाल।