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रोपड़ः आश्रम में संत का बेरहमी से कत्ल, हत्यारों ने सिर के बाल तक उखाड़े, बिखरा मिला सामान
Mon, 18 May 2020 10:21 AM IST
खुशबू गोयल
संवाद न्यूज एजेंसी, रोपड़
संवाद न्यूज एजेंसी, रोपड़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 18 May 2020 10:21 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
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पंजाब के रोपड़ जिले में सतलुज दरिया के हेड वर्क्स पुल के नजदीक ऋषि मुनी दिश्म आश्रम के संत की हत्या कर दी गई है। शव से दुर्गंध आ रही थी और आश्रम का सारा सामान भी बिखरा हुआ था। यहां तक कि उनके सिर के बाल भी सिर से उखाड़े हुए थे, जिससे लग रहा है कि कत्ल बड़ी बेरहमी के साथ किया गया था।
संत योगेश्वर सतलुज दरिया के किनारे अपने आश्रम में पिछले लगभग 40 वर्षों से रह रहे थे। वे 20 वर्ष की आयु में ही संन्यासी हो गए थे। वे मूल रूप से हिमाचल के सरकाघाट के निवासी थे। रविवार सुबह एक भक्त आश्रम में उन्हें भोजन देने के लिए गया। उसने वहां देखा कि आश्रम का मुख्य द्वार टूटा था और संत कमरे में मृत हालत में पड़े थे।
इसकी सूचना उनके भाई दिनेश कौशल को दी गई। उन्होंने इस संबंध में थाना काठगढ़ पुुलिस (नवांशहर) को शिकायत की। थाना काठगढ़ के एसएचओ परमिंदर सिंह ने बताया कि वारदात स्थल देखने से पता लगता है कि संत का कत्ल कुछ दिन पहले किया गया है। आश्रम से एलईडी, इनवर्टर और बैटरी भी चोरी हुई है।
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इस संबंध में उन्होंने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कत्ल की जांच के लिए अलग अलग टीमों का गठन किया गया है। टीमों में फोरेंसिक विशेषज्ञ, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और अन्य विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।
हिंदू संगठनों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
विश्व हिंदू परिषद के प्रधान सतीश शर्मा, शिवसेना बाल ठाकरे के प्रधान अश्वनी कुमार सहित अन्य हिंदू संगठनों ने मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए।
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संत योगेश्वर सतलुज दरिया के किनारे अपने आश्रम में पिछले लगभग 40 वर्षों से रह रहे थे। वे 20 वर्ष की आयु में ही संन्यासी हो गए थे। वे मूल रूप से हिमाचल के सरकाघाट के निवासी थे। रविवार सुबह एक भक्त आश्रम में उन्हें भोजन देने के लिए गया। उसने वहां देखा कि आश्रम का मुख्य द्वार टूटा था और संत कमरे में मृत हालत में पड़े थे।
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इसकी सूचना उनके भाई दिनेश कौशल को दी गई। उन्होंने इस संबंध में थाना काठगढ़ पुुलिस (नवांशहर) को शिकायत की। थाना काठगढ़ के एसएचओ परमिंदर सिंह ने बताया कि वारदात स्थल देखने से पता लगता है कि संत का कत्ल कुछ दिन पहले किया गया है। आश्रम से एलईडी, इनवर्टर और बैटरी भी चोरी हुई है।
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इस संबंध में उन्होंने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कत्ल की जांच के लिए अलग अलग टीमों का गठन किया गया है। टीमों में फोरेंसिक विशेषज्ञ, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और अन्य विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।
हिंदू संगठनों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
विश्व हिंदू परिषद के प्रधान सतीश शर्मा, शिवसेना बाल ठाकरे के प्रधान अश्वनी कुमार सहित अन्य हिंदू संगठनों ने मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए।