हिसार: अर्जुन अवॉर्डी पहलवान डीएसपी गीतिका जाखड़ व उनके भाई पर पिटाई करने का आरोप, सामने आई सीसीटीवी फुटेज
अर्जुन अवॉर्डी पहलवान व डीएसपी गीतिका जाखड़ और उनके भाई बलराम पर मारपीट का आरोप लगा है। यह आरोप उनके चाचा ने लगाया है। चाचा का कहना है कि दोनों पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। अग्रोहा की रहने वालीं गीतिका जाखड़ इन दिनों फतेहाबाद में डीएसपी के पद पर तैनात हैं। वहीं भाई बलराम जाखड़ नायब तहसीलदार हैं। अग्रोहा पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है।
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अर्जुन अवॉर्डी पहलवान फतेहाबाद में डीएसपी के पद पर तैनात अग्रोहा निवासी गीतिका जाखड़ व उनके नायब तहसीलदार भाई बलराम पर उनके चाचा ने मारपीट का आरोप लगाया है। विवाद अग्रोहा गांव स्थित पैतृक मकान को लेकर है। मामले की शिकायत अग्रोहा थाने में दी गई है। अग्रोहा थाना पुलिस का कहना है कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई।
गीतिका जाखड़ के चाचा प्रकाश वीर सिंह ने बताया कि डीएसपी गीतिका जाखड़, भट्टूकलां में तैनात नायब तहसीलदार बलराम जाखड़, इनके पिता सत्यवीर जाखड़ व फतेहाबाद पुलिस के दो कर्मचारियों ने उनके घर में घुसकर उनके 88 वर्षीय पिता अमरचंद जाखड़ व उनके परिवार के साथ मारपीट की व जान से मारने की धमकी दी। उनकी गर्भवती पुत्रवधु को भी धक्का दिया।
उन्होंने बताया कि आरोपी फतेहाबाद पुलिस की सरकारी गाड़ी में सवार होकर उनके घर पर हमला करने आए थे। वहीं दूसरी तरफ नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ ने अपने चाचा सत्यवीर जाखड़ व उनके परिवार के खिलाफ अग्रोहा थाने में शिकायत देकर मारपीट करने का केस दर्ज करवाया है।
डीएसपी प्रियांशु बोले- राजपत्रित अधिकारी हैं, परमिशन लेनी पड़ेगी
प्रकाशवीर ने इस संबंध में डीजीपी, डीएसपी व अग्रोहा थाना प्रभारी को शिकायत भेज दी। उन्होंने बताया कि 26 अगस्त की शाम करीब साढ़े सात बजे वह अपने पुराने मकान के साथ लगती हुई निर्माणाधीन बिल्डिंग को ताला लगाने के लिए आया था। जैसे ही वह शटर बंद करने गया तो वहां पहले से मौजूद बलराम व अन्य ने उस पर हमला कर दिया। उसने अपने बेटे को आवाज दी लेकिन वह घर पर नहीं था और उसकी पत्नी वहां आई और उन्होंने अग्रोहा थाना के सरकारी नंबर पर कॉल कर मामले की जानकारी दी।
कुछ देर बाद ही एक महिला शक्ति पुलिस की गाड़ी उनके घर आई उन्होने सोचा कि पुलिस की गाड़ी आई है। उस समय वह और उसका बेटा घर के गेट के गेट के आगे खड़े थे। उस सरकारी गाड़ी में डीएसपी गीतिका जाखड़, नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ व उनके पिता सत्यवीर व अन्य पुलिसकर्मी उतरे जिनके हाथों में डंडा था। गाड़ी से उतरते ही सभी ने उन पर हमला कर दिया। शोर शराबा सुनकर उनके 88 वर्षीय पिता अमरचंद भी वहां पर आ गए।
प्रकाशवीर के अनुसार हमलावरों ने उनके साथ भी धक्कामुक्की की जिससे उनको चोट आई है। डीसपी गीतिका जाखड़ ने उनकी गर्भवती पुत्रवधू को भी जान से मारने की धमकी दी व धक्का दिया। इसी दौरान उसके बेटे ने अग्रोहा पुलिस थाना प्रभारी को फोन पर मामले की सूचना दी तब अग्रोहा थाना प्रभारी ने आकर बीच बचाव किया।
प्रकाशवीर जाखड़ ने अपनी शिकायत में बताया कि नायाब तहसीलदार बलराम व डीएसपी फतेहाबाद गीतिका जाखड़ अपने पद व शक्तियों को गलत उपयोग कर रहे हैं। उन पर हमला कर झू्ठी रिर्पोट दर्ज करवाई है। इस संबध में दूसरे पक्ष ने पूरे मामले की सीसीटीवी फुटेज अग्रोहा पुलिस को दी है। प्रकाशवीर का आरोप है कि जब उन्होंने डीएसपी प्रियांशु दीवान से केस दर्ज न करने का कारण पूछा तो उन्हें कहा गया कि गीतिका जाखड़ एक राजपत्रित अधिकारी हैं। इसके संबंध में अधिकारियों से पहले परमिशन लेनी पड़ेगी।
जान से मारने के लिए लट्ठ लेकर भागे पीछे
नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ ने बताया कि गांव में के पिता के हिस्से में पैतृक मकान है। उसमें नरमा डालने के लिए गया तो उसके चाचा प्रकाशवीर ने सीमेंट व अन्य सामान डाल रखा था। उसने जब अपने मजदूर को उनके घर सामान हटाने के लिए भेजा तो चाचा प्रकाशवीर ने उसके मजदूर को भगा दिया और उसके साथ अपने पैतृक मकान में घुसकर मारपीट करने लगा। उसे जान से मारने के लिए आरोपी उसके पीछे लट्ठ लेकर भागा। इसके बाद उसने अग्रोहा पुलिस व अपने पिता को कॉल करके बचाने के लिए कहा।
मैं उस घर की बेटी हूं, अपने मकान में विवाद होने पर जा सकती हूं
इस घटना के बारे में डीएसपी गीतिका जाखड़ ने कहा कि वह उस घर की बेटी हैं। घर पर मकान को लेकर विवाद होने पर वह जा सकती हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगा मारपीट का आरोप नकारा है। उन्होंने कहा कि वह वहां सिर्फ समझाने गई थीं। उन्होंने ये भी बताया कि उनके चाचा ने उनके मकान पर कब्जा किया हुआ है। जब उनके भाई मकान में कपास डालने गए तो चाचा के परिवार ने उनके साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलने के बाद वह चाचा को समझाने के लिए वहां पर गई थी। फतेहाबाद पुलिस की सरकारी गाड़ी व पुलिसकर्मियों के बारे में उन्होने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
मामले में कुछ बोलने से परहेज कर रही अग्रोहा पुलिस
इस मामले में अग्रोहा थाना के प्रभारी प्रियांशु दीवान से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया। उन्होंने मामले में बात करना उचित नहीं समझा। वहीं थाने में तैनात अन्य कर्मियों का तो ये कहना था कि इस मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है। हालांकि एक पक्ष से शिकायत के बाद केस भी दर्ज हो चुका है। इससे साफ जाहिर है कि अग्रोहा थाना पुलिस कितनी मुस्तैदी से काम कर रही है।