‘अपना घर’ यौन उत्पीड़न केस में सनसनीखेज खुलासा
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सीबीआई की विशेष अदालत में सोमवार को रोहतक के ‘अपना घर’ मामले में पांच गवाहों ने अपने बयान दर्ज करवाए। घटना के वक्त पीजीआई रोहतक में कार्यरत दो डॉक्टरों समेत तीन पुलिस कर्मियों ने अदालत में अपने बयान दिए। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख तय की है।
वकील विशाल गर्ग ने बताया कि इस मामले में हुई गवाही में तीनों पुलिस कर्मियों ने अपने बयान में कहा है कि रात के वक्त महिलाओं को ‘अपना घर’ से बाहर आते-जाते नहीं देखा।
डॉक्टरों ने अपने बयान में महिलाओं के गर्भवती और गर्भपात कराए जाने की पुष्टि की है, लेकिन यह किस दौरान कराई गई, इस बारे में माकूल जानकारी नहीं होने की बात कही। वकील ने बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।
दो साल पहले का मामला
रोहतक में करीब सवा दो साल पहले निराश्रित महिलाओं से उन्हें शरण देने वाले ‘अपना घर’ में ही यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार किए जाने के मामले में संचालिका जसवंती देवी सहित सभी 10 आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत में आरोप तय हो गए।
इनमें मुख्य आरोपी जसवंती देवी, उसकी बेटी सिम्मी, दामाद जयभगवान, जसवंत, ड्राइवर सतीश, रोशनी, भाई जसवंत, पूर्व चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर अंगरेज कौर हुड्डा, वीणा और शीला शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अब 10 नवंबर से गवाहियां शुरू होंगी।
तीन लड़कियों ने दी थी मामले की जानकारी
रोहतक के ‘अपना घर’ से भागी तीन लड़कियों ने तिहाड़ जेल से जुड़ी निर्मल छाया संस्था को ‘अपना घर’ में हो रहे कुकृत्य की जानकारी दी थी। इसके बाद मई 2012 में छापामारी और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
12 जुलाई 2012 में यह केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। एडवोकेट विशाल गर्ग ने भी सभी आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम होने और 10 नवंबर से गवाहियां शुरू होने की पुष्टि की है।
जयभगवान और सतीश के खिलाफ गैंगरेप का भी आरोप
जसवंती के दामाद जयभगवान और सतीश पर गैंगरेप का भी आरोप है, जबकि इस मामले में अन्य के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। जयभगवान के डीएनए का भी मिलान किया गया, जिसमें पॉजीटिव पाए जाने के बाद उसके खिलाफ अन्य धाराएं जोड़ी गई थी।
पनाह देने के नाम पर होता था कुकृत्य
रोहतक स्थित श्री नगर के एक मकान में जसवंती देवी अनाथों और परित्यक्ताओं के लिए ‘अपना घर’ का संचालन करती थी। वह एक एनजीओ भारत विकास संघ से भी जुड़ी थी।
चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के कुछ इलाकों से लड़कियों व बच्चों को पनाह देने के नाम पर लाया जाता था और इसी आड़ में लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था।
जसवंती ने बच्चे गोद लेने का भी बनाया था फर्जी दस्तावेज
अपना घर की संचालिका जसवंती देवी एक बच्चे को गोद लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर उसकी मां होने का दावा कर रही थी, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा इस तरह की इजाजत देने से इनकार करने के बाद जसवंती के खिलाफ फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया था।
गर्भपात कराने की भी मिली थी शिकायत
अपना घर में परित्यक्ता, अनाथ बच्चों को आश्रय देने के नाम पर लड़कियों का यौन उत्पीड़न, मारपीट, धमकियां, छेड़छाड़ के अलावा बगैर सहमति गर्भपात कराए जाने की भी प्रशासन को शिकायत मिली थी।
नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ ह्यूमन राइट्स की टीम ने छापेमारी कर इन अपराधों का खुलासा किया। साथ ही आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया।
जांच में यह भी पता चला कि लड़कियों को बहला फुसलाकर लाने के बाद ड्राइवर सतीश, जयभगवान सहित अन्य आरोपियों की मिलीभगत से इन लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था।