पंजाब के शिंगार बम कांड में बड़ा फैसला
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शिंगार सिनेमा में 14 अक्तूबर 2007 को हुए बम कांड में अदालत ने मंगलवार को सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। शाम करीब साढ़े चार बजे एडिशनल सेशन जज हरी सिंह गरेवाल की अदालत ने फैसला सुनाया।
शिंगार बम कांड में हरमिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रविंदर सिंह और संदीप सिंह के खिलाफ केस चलाया गया था। 2013 में संदीप सिंह की जेल में ही मौत हो गई थी। तीन आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया।
बचाव पक्ष के वकील गुरमीत सिंह रत्तू ने कहा कि रत्तू ने कहा कि 14 अक्तूबर 2007 को शिंगार सिनेमा में बम धमाका हुआ था। इस हादसे में छह लोगों की मौत हुई थी और 38 लोग जख्मी हुए थे। यह एक ब्लाइंड केस था।
पुलिस ने घटना के करीब एक माह बाद चार गवाह खड़े किए और उनके बयानों के आधार पर 12 नवंबर को रविंदर सिंह और हरमिंदर सिंह को नामजद कर लिया। इसके बाद 15 नवंबर को संदीप और गुरप्रीत को नामजद किया गया। रत्तू ने कहा कि इस केस में सिर्फ रविंदर रिंकू से 250 ग्राम आरडीएक्स बरामद किया गया था।
ईद पर हुआ था जोरदार धमाका
गुरमीत के अनुसार गवाहों ने पहले आरोपियों की शिनाख्त की, लेकिन जिरह में वे टिक नहीं पाए। इसके अलावा किसी भी जख्मी ने आरोपियों को बम रखते हुए नहीं देखा। इस केस में सरकारी पक्ष की तरफ से 43 और बचाव पक्ष की तरफ से 13 लोगों की गवाही हुई। इस मामले में बहस 11 दिसंबर 2014 को पूरी हो गई थी।
14 अक्तूबर 2007 को ईद के दिन शिंगार सिनेमा में भोजपुरी फिल्म ‘जन्म-जन्म का साथ’ चल रही थी। इंटरवल के पांच सात मिनट बाद ही देर शाम करीब 8.35 बजे हॉल के अंदर जोरदार धमाका हुआ। रविवार और ईद की छुट्टी होने के कारण हॉल खचाखच भरा था।
इस विस्फोट में छह लोगों की जान गई थी और 38 लोग जख्मी हुए थे। धमाका हॉल के बीच दूसरी एवं तीसरी लाइन के बीच हुआ था।