पुलिस से मुठभेड़ में अकाली नेता की गोली लगने से मौत
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पुलिस के साथ देर रात मुठभेड़ में गोली लगने से अकाली नेता की मौत हो गई। मुठभेड़ पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया। मामला पंजाब के अमृतसर का है।
मूदल क्षेत्र के पास मंगलवार को कार में जा रहे वेरका ब्लॉक के अकाली प्रधान मुखजीत सिंह हीरा निवासी वेरका की पुलिस के साथ मुठभेड़ में गोली लगने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की गाड़ी में आए मुलाजिमों ने हीरा के माथे और छाती पर गोलियां मारी हैं।
वहीं पुलिस का दावा है कि उन्हें अकाली नेता की आई 20 कार में गैंग के होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद उसे रोका और कार्रवाई की गई। हीरा की तरफ से फायरिंग में हेड कांस्टेबल राजेश कुमार भी घायल हो गया। उसे गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं अकाली नेता की मौत से गुस्साए अकाली नेताओं ने देर रात रोड जाम कर दिया। वेरका चौकी के इंचार्ज हरिंदर सिंह का कहना है कि हीरा ने पुलिस पर गोली चलाई। वहीं परिजनों का कहना है कि हीरा के पास पिस्तौल नहीं थी।
गोली अकाली नेता के माथे और छाती पर लगी
मृतक के भाई हरजिंदर सिंह और उसके चाचा ने बताया कि मुखजीत सिंह अपनी भतीजी को ट्यूशन से लेने के लिए शाम 7 बजे मुदल बस अड्डे के पास पहुंचा था। इस दौरान पुलिस की दो गाड़ियां आईं। दोनों गाड़ियों से वर्दी पहने उतरे लोगों ने मुखजीत पर सीधे गोलियां दाग दीं। गोली मुखजीत सिंह के माथे और छाती पर लगी।
इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर मुखजीत सिंह की गाड़ी की दूसरी सीट पर वोटर लिस्ट पड़ी हुई थी। परिजनों ने बताया कि पुलिस वाले आरोप लगा रहे हैं कि मुखजीत ने उन पर गोली चलाई, इस पर उन्हें अपने बचाव के लिए उस पर गोलियां दागनी पड़ीं। गोली लगाने से उनका मुलाजिम राजेश घायल हो गया।
घटना की जानकारी पाकर पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख और डीसीपी परमपाल सिंह मौके पर पहुंचे लेकिन मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना ही चले गए।
इसके बाद जब दोनों पुलिस अफसरों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने अपने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिए। घटनास्थल पर पुलिस कर्मियों ने भी इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया। बस इतना कहा हमें कुछ नहीं मालूम क्या हुआ।