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4 दिन बाद मिला मासूम, मां को नव 'जीवन'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 04 Dec 2014 09:27 AM IST
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मनीमाजारा से चार दिन पहले गायब एक साल के जीवन को बुधवार देर रात खरड़ में लांड्रा रोड पर ऑटो से बरामद हो गया। उसके ऑटो में होने की सूचना टेंपो चालक ने खरड़ थाना पुलिस को दी थी।
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उसके अपहरण का आरोप एक अज्ञात महिला पर लगाया गया था। इसके बाद से ही मनीमाजरा पुलिस उसकी बरामदगी के लिए संदिग्धों से पूछताछ करने के साथ ही हर संभावित स्थान पर दबिश भी दे रही थी।
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खरड़ के रविदास मोहल्ले में रहने वाले जयपाल पाली ने रात 12:15 बजे खरड़ थाना पुलिस को सूचना दी कि उसके ऑटो की डिक्की में एक बच्चा रो रहा है। उसकी उम्र करीब एक साल है। इसके बाद मौके पर थाना प्रभारी मंजीत सिंह पहुंच गए। उन्होंने बच्चे को देखने के बाद इसकी सूचना तत्काल मनीमजरा थाना पुलिस को दी।
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साथ ही उसके बारे में विस्तार से भी वहां की पुलिस को बताया। मनीमाजरा पुलिस ने अपने यहां से गायब बच्चे की फोटो मंजीत सिंह को भिजवाई। ऑटो में मिले बच्चे और फोटो का मिलान होेने पर मंजीत सिंह ने मनीमाजरा पुलिस को जीवन के मिलने की पुष्टि कर दी।
इस जानकारी के बाद मनीमाजरा थाना प्रभारी चरन जीत सिंह रात एक बजे खरड़ थाने पहुंच गए। उनके साथ जीवन के पिता और अन्य लोग भी थे। जीवन की पहचान होने के बाद सभी उसे मनीमाजरा ले आए।
खेलते समय हुआ था अगवा
मनीमाजरा के शिवालिक पार्क में रविवार को जीवन अपने साथ सात वर्षीय भाई सुरेश के साथ खेल रहा था। उसी समय एक अज्ञात महिला वहां आई और सुरेश को मूंगफली लेने के लिए भेज दिया। सुरेश लौटकर आया, तो महिला जीवन को लेकर जा चुकी थी। सुरेश ने ही अपहरण की जानकारी अपने माता-पिता को दी थी।
पुलिस का अपनों पर था शक
मनीमाजरा थाना पुलिस ने आशंका जताई थी कि वारदात में किसी नजदीकी का हाथ है। यही कारण है कि उसने इस मामले में पीड़ित के एक दर्जन से ज्यादा रिश्तेदारों से पूछताछ भी की थी। हालांकि, इसके बाद भी अपहृत जीवन के बारे में कोई सुराग उसे नहीं मिल सका था। आशंका जताई जा रही थी कि आरोपी अज्ञात महिला जीवन पर कई दिन से निगाह रखे हुए थी।
रिश्तेदारों से शुरू कर दी थी पूछताछ
जीवन के अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सबसे पहले पार्क के आसपास के लोगों से पूछताछ की। इस दौरान कोई ठोस सुराग न मिलने पर संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी। कोई नतीजा न निकलने पर पुलिस ने जीवन के रिश्तेदारों को राउंडअप करना शुरू कर दिया था। पुलिस के अनुसार आसपास के कुछ ऐसे लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, जिनके बच्चे नहीं हैं। क्योंकि, ऐसे लोग अक्सर दूसरे के बच्चों के साथ पार्क में खेलते हुए देखे गए हैं।
पुलिस ने बांटे पर्चे
पुलिस ने जीवन को तलाशने के उसके फोटो वाले पर्चे भी बंटवा दिए हैं। इन पर्चों को सभी पुलिस स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर भी लगा दिया गया है।
फोटो छोड़, सीने से लगाया ‘कलेजे का टुकड़ा’
जीवन काअपहरण होने की सूचना मिलने के बाद उसकी मां बेहोश हो गई। उन्हें जब से होश आया है, तब से वह जीवन की फोटो को अपने सीने से लगाए हुए थीं। उसके मिलने की खबर मिलने तक उन्होंने जीवन के फोटो को अपने से अलग नहीं होने दिया। बुधवार देर रात जैसे ही जीवन को लेकर पुलिस उसके घर पहुंची, मां ने फोटो को हटाकर अपने ‘कलेजे के टुकड़े’ को सीने से लगा लिया।
दो महीने पहले चंडीगढ़ आया था
जीवन के परिजन मूलरूप से नेपाल के रहने वाले है। उसके पिता यहां पर करीब दो साल से रह रहे है। उन्होंने बताया कि दो महीने पहले ही वे परिवार को चंडीगढ़ लेकर आए थे।