चंडीगढ़ में दिल दहला देने वाली वारदात, युवती के दोनों पैर काटकर फेंके, शरीर की तलाश
- पेपर में लपेटकर फेंके गए थे दोनों पैर, शुरुआती जांच में पैरों को प्रोफेशनल तरीके से काटे जाने की आशंका
- बैंक मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश भी जारी
- सीएफएसएल टीम ने अंगों को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजा, जुटाए सबूत
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विस्तार
चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की बिल्डिंग के पीछे साइकिल ट्रैक पर मंगलवार दोपहर झाड़ियों में युवती के कटे हुए दो पैर और थोड़ी ही दूरी पर भ्रूण के मिलने से हड़कंप मच गया। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने युवती की हत्या कर उसके दोनों पैरों और भ्रूण को यहां लाकर फेंक दिया है। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने एसबीआई के मैनेजर अजीत किशोरी की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ 318 के तहत मामला दर्जकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
शुरुआती जांच में पैर को प्रोफेशनल तरीके से कटर से काटे जाने की आशंका जताई गई है। घटना मंगलवार दोपहर करीब 2.30 बजे की है। सेक्टर-17 मध्य मार्ग स्थित एसबीआई बिल्डिंग की पिछली साइड बने साइकिल ट्रैक पर झाड़ियों के पास एसबीआई के मैनेजर अजीत किशोरी को अलग-अलग पेपर में लपेट कर फेंके गए युवती के दोनों पैर नजर आए।
आनन-फानन में मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना पर सेंट्रल डीएसपी कृष्ण कुमार, सेक्टर-17 थाना प्रभारी, सेक्टर-22 चौकी इंचार्ज नवीन कुमार पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान साइकिल ट्रैक पर दो अलग-अलग पेपरों में एक-एक पैर लिपटा हुआ पाया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने आसपास झाड़ियों को खंगालना शुरू किया तो कुछ दूरी पर बदबूदार एक और लिफाफा मिला, जिसमें एक बच्ची का भ्रूण लिपटा हुआ था।
मौके पर पहुंची सीएफएसएल की टीम ने कटे हुए पैर को कब्जे में लेकर जांच को भेज दिया है। वीडियोग्राफी समेत अन्य सबूत जुटाए गए हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि कटे हुए दोनों पैरों से खून नहीं निकल रहा था। इससे पुलिस को इस बात का शक है कि पैर को काफी दिनों तक फ्रिज या किसी ठंडी जगह पर रखा गया। पुलिस इसे हत्या के एंगल से जोड़कर देख रही है। इसके अलावा थोड़ी दूर पर भ्रूण मिलने से पुलिस का शक और भी ज्यादा गहरा हो गया है।
खंगाले सीसीटीवी फुटेज, नहीं लगा सुराग
पुलिस को आशंका है कि कोई शख्स पैदल या फिर साइकिल से कटे हुए दोनों पैर और भ्रूण को एसबीआई बिल्डिंग के पास फेंककर फरार हुआ होगा। इसके बाद पुलिस ने सेक्टर 8/9/17/18 के चौक, एसबीआई बिल्डिंग के बाहर समेत आसपास के एरिया में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगालना शुरू कर दिया है लेकिन अब तक पुलिस के हाथ ऐसा कोई सुराग नहीं लगा है, जिससे आरोपियों की पहचान हो सके।
अस्पतालों का डाटा खंगालने में जुटी पुलिस
वारदात के बाद पुलिस टीम अब पीजीआई, जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 समेत आसपास के हॉस्पिटल का डाटा खंगालने में जुटी हुई है। पुलिस को शक है कि जिस तरह वारदात को अंजाम दिया गया है, उससे लगता है कि यह किसी प्रोफेशनल व्यक्ति का काम है। वहीं, पुलिस अब इन अस्पतालों में रखी डोनेट की हुई डेड बॉडीज की भी जांच शुरू कर दी है।
इन एंगल्स पर भी जांच
- कहीं किसी ने युवती की हत्या कर शव के और अंगों को फ्रिज में तो नहीं रखा।
- शव के अलग-अलग अंगों को कहीं और तो नहीं फेंका गया है।
- क्या भ्रूण उसी युवती का है, जिसका पैर मिला है।
- कहीं दोनों पैर अलग-अलग युवती के तो नहीं।
- ऐसा तो नहीं डिलीवरी से पहले ही किसी ने युवती की हत्या कर दी हो।
- आखिर कितने दिनों पहले फेंका गया है पैर और भ्रूण।
- ऐसा तो नहीं पैर किसी और का और भ्रूण किसी और महिला का है।
- शहर में लापता होने वाली युवतियों की लिस्ट बनाने की तैयारी।
सीएफएसएल रिपोर्ट में होगा खुलासा
पुलिस टीम डॉक्टरों की मदद से भी और सबूत जुटा रही है। साथ ही पुलिस को अब से सीएफएसएल की आने वाली रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे पता चल सके आखिर पूरा मामला क्या है।