अनपढ़ युवक निकला 'नटवरलाल', एटीएम कार्ड से किया फ्राड, लोगों को लगाया करोड़ों का चूना
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अनपढ़ व्यक्ति को लेकर लोगों का नजारिया काफी अलग होता है। ऐसा माना जाता है कि उन्हें शिक्षा और तकनीक का ज्ञान नहीं होता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐेसे अनपढ़ के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने अपने शरारती दिमाग से करोड़ों का फर्जीवाड़ा किया। पूरी वारदात जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
मामला पंजाब के रोपड़ का है। यहां करोड़ों की ठगी में एक आरोपी को जिला पुलिस ने काबू किया है। पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी अनपढ़ है लेकिन एटीएम से लोगों को चपत लगाने में माहिर है और लोगों को इसका पता तक नहीं चलता। यह नौसरबाज भोले भाले खासकर बुजुर्ग लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाता है। आनंदपुर साहिब के पास भी यह आरोपी किसी को ठगी का शिकार बनाने की फिराक में था कि पुलिस ने इसे धर दबोचा।
जिला की सीआईए स्टाफ-2 तथा आनंदपुर साहिब की पुलिस पार्टी ने एक साझे ऑपरेशन दौरान हवा सिंह पुत्र रघुवीर सिंह निवासी मकान नंबर 2923 मोहल्ला दीदार नगर, तहसील व जिला कुरुक्षेत्र (हरियाणा) को काबू किया है। पकड़े गए इस व्यक्ति से एक लाख रुपये नकद तथा अलग अलग बैंकों के 38 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने इस शख्स को गुरुद्वारा केसगढ़ साहिब के पास से काबू किया है।
जहां इसके बाकी तीन साथी कार समेत मौका से भागने में कामयाब हो गए। एसएसपी स्वप्न शर्मा ने बताया कि 30 जून को आनंदपुर साहिब थाने में गुरबखश कौर पत्नी गुरदयाल सिंह निवासी गांव ढेर ने कार्ड बदलकर एक लाख 40 हजार रुपये निकलवाने की शिकायत दी थी। इस गिरोह ने पांच वारदातों को नंगल शहर में अलग अलग एटीएम से अंजाम दिया है। जबकि आनंदपुर साहिब में दो वारदातों के अलावा पठानकोट, मुकेरियां, चिंतपूर्णी, बद्दी, सुंदर नगर, बिलासपुर और दिल्ली में भी करीब 60 -70 वारदातों को अंजाम दिया गया है।
लाखों भोले भाले लोगों के खातों से एटीएम बदलकर पैसे निकलवाए हैं। एसएपी ने बताया कि हवा सिंह से पूछताछ की जा रही है और इस गिरोह के बाकी आरोपी सतीश उर्फ मुंशी पुत्र राजा राम, काकू पुत्र बलिंदर सिंह और सुलतान पुत्र रोशन लाल निवासी कुरुक्षेत्र की खोज जारी है।
जानकारी के अनुसार पकड़ा गया आरोपी हवा सिंह अनपढ़ है और वह ठगी मारने से पहले उस इलाके की रैकी करता था। यह गिरोह उस शहर में ठगी करता है, जहां पर रेलगाड़ी आती जाती हो ताकि यह ट्रेन के जरिये आसानी से उस शहर से फरार हो सके। गिरोह एटीएम के निकट ही घूमता रहता है। जब इन्हें लगता है कि एटीएम से पेसे निकलवाने वाले को एटीएम कार्ड का प्रयोग करने की कम जानकारी है या उससे एटीएम प्रयोग नहीं हो रहा तो गिरोह सहायता करने की बात कहते हुए एटीएम पिन पूछ लेता है और कार्ड बदलकर पैसे निकाल लेते हैं। इनके पास पास के एटीएम हैं।