फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   A company manager dipped in the swimming pool of the Nipr

नाइपर के स्वीमिंग पूल में डूबा कंपनी मैनेजर, बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा बेटा

Mon, 12 Sep 2016 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Mon, 12 Sep 2016 09:15 AM IST
विज्ञापन
A company manager dipped in the swimming pool of the Nipr
Death - फोटो : अमर उजाला
नैशनल इंस्टीच्यूट ऑफ फार्मासियूटिकल रिसर्च यानि नाइपर के स्वीमिंग पूल में डूबने से एक प्राइवेट कंपनी के मैनेजर की मौत हो गई। मृतक के परिवार वालों ने स्वीमिंग पूल की केयर टेकर एजेंसी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। वहीं, सुनील कुमार बग्गा (42) मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के कस्बा देहरा के रहने वाले थे।
विज्ञापन


काफी समय से वह फेज-11 में परिवार के साथ रह रहे थे। जानकारी के अनुसार, एक कैब कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत सुनील पिछले काफी समय से मोहाली के फेज-11 में पत्नी, बेटी प्राची और बेटे इशत बग्गा के साथ रह रहे थे।
विज्ञापन


सुनील के दोस्त निर्भय ने बताया कि उनका बेटा इशत बग्गा मोहाली के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। उसे तैराकी सिखाने के लिए उन्होंने नाइपर के स्वीमिंग पूल में बेटे का रजिस्ट्रेशन करवाया था। पिछले कई दिनों से सुनील अपने बेटे को स्वीमिंग सिखाने नाइपर आ रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

पूल संचालकों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं

A company manager dipped in the swimming pool of the Nipr
NIPER - फोटो : अमर उजाला
रविवार सुबह साढ़े सात बजे सुनील बेटे इशत के साथ स्वीमिंग पूल पहुंचे। रोजाना की तरह वह अपने बेटे के साथ स्वीमिंग कर रहे थे, लेकिन अचानक उनका पैर फिसल गया। इसके बाद वह गहरे तल की ओर चले गए। पिता को डूबते देख इशत ने शोर मचाया था, लेकिन लाइफ गार्ड और स्वीमिंग पूल पर तैनात स्टाफ मौके पर नहीं आया।

शोरगुल सुनकर जब तक उन्हें स्वीमिंग पूल से निकाला गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुनील को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, फेज-11 थाना पुलिस ने नाइपर के स्वीमिंग पूल को चलाने वाली एजेंसी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 

जानकारी के अनुसार, स्वीमिंग पूल संचालकों के पास तुरंत उपचार या एंबुलेंस की कोई व्यवस्था नहीं थी। लापरवाही का आलम यह था कि पूल प्रबंधन के पास सुनील को अस्पताल पहुंचाने के लिए एक गाड़ी की व्यवस्था तक नहीं थी। आखिरकार एक प्राइवेट कंपनी के अधिकारी की गाड़ी में सुनील को अस्पताल पहुंचाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed