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अच्छी खबर: हरियाणा में पहली बार सात हजार बुजुर्गों को घर बैठे मिलने लगी पेंशन, नहीं करानी पड़ी सिफारिश

Sun, 31 Jul 2022 09:47 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 31 Jul 2022 09:47 PM IST
सार

परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में सालाना आय अधिक होने के चलते पिछले दिनों प्रदेश के 10 हजार बुजुर्गों की पेंशन काट दी गई थी। सरकार द्वारा पीपीपी में संशोधन के लिए मौका दिया गया था। जिन बुजुर्गों से गलती से अपनी आय अधिक भरी गई थी, ठीक होने पर अब उनकी पेंशन दोबारा शुरू कर दी गई है।

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7000 elderly people started getting pension through PPP in Haryana
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : i stock

विस्तार

हरियाणा के बुजुर्गों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में बुढ़ापा पेंशन शुरू करने में आटो मोड सिस्टम लागू कर दिया गया है। इसके तहत ही पहली बार प्रदेश के सात हजार बुजुर्गों की जुलाई में घर बैठे बुढ़ापा पेंशन शुरू हो गई है। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में आय संशोधन के बाद 10 हजार उन बुजुर्गों की पेंशन भी शुरू कर दी गई है, जिनकी पेंशन पहले काट दी गई थी। 

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छह माह पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसकी घोषणा की थी। पेंशन में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने परिवार पहचान पत्र के माध्यम से 57 से 60 वर्ष आयु के व्यक्तियों का डाटा सत्यापन के लिए फील्ड में भेजा हुआ है। सत्यापन के बाद 60 वर्ष आयु होने पर इनकी पेंशन अपने आप शुरू होने लगी है। 
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जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया को भी डिजिटल किया है और इसे परिवार पहचान पत्र से जोड़ा गया है, ताकि परिवार के सदस्यों की जानकारी स्वत ही अपडेट होती रहे। हालांकि, इससे पहले समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा बुजुर्ग के घर जाकर पेंशन शुरू करने के लिए उसकी सहमति ली जाती है। बुजुर्ग द्वारा पेंशन लेने की सहमति मिलने के बाद आटो मोड सिस्टम से उसके खाते में बुढ़ापा सम्मान पेंशन मिलनी शुरू हो जाती है। इस समय हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन पाने के पात्रों की संख्या 28,57,529 है।

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12 हजार बुजुर्गों ने पेंशन लेने से किया इन्कार
एक तरफ प्रदेश में जहां पेंशन लेने के लिए होड़ लगी है, वहीं ऐसे बुजुर्गों की संख्या भी कम नहीं है, जो बुढ़ापा सम्मान पेंशन नहीं लेना चाहते। 60 साल के होने के बावजूद जब विभागीय कर्मचारियों ने घर जाकर उनसे संपर्क किया तो करीब 12 हजार बुजुर्गों ने पेंशन लेने से इन्कार कर दिया। बुजुर्गों ने कहा कि उनकी आय अच्छी है और परिवार के सदस्य उनका अच्छी प्रकार से ध्यान रख रहे हैं, इसलिए वे पेंशन नहीं लेना चाहते। 

10 हजार की दोबारा से पेंशन शुरू
परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में सालाना आय अधिक होने के चलते पिछले दिनों प्रदेश के 10 हजार बुजुर्गों की पेंशन काट दी गई थी। सरकार द्वारा पीपीपी में संशोधन के लिए मौका दिया गया था। जिन बुजुर्गों से गलती से अपनी आय अधिक भरी गई थी, ठीक होने पर अब उनकी पेंशन दोबारा शुरू कर दी गई है। फिलहाल सामाजिक कल्याण विभाग की ओर से 2.60 लाख रुपये सालाना आय से अधिक वालों की पेंशन रोकी जा रही है। हालांकि, सरकार इसे 1.80 लाख तक आय तय कर चुकी है। 
 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा को अमलीजामा पहना लिया गया है। अब किसी भी बुजुर्गों को पेंशन के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं है। पीपीपी के माध्यम से पेंशन बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सत्यापन और बुजुर्ग की सहमति से पेंशन चालू की जा रही है। इससे बुजुर्गों को कहीं पर भी जाने की जरूरत नहीं होगी, यह एक बड़ी राहत है। - विनीत गर्ग, एसीएस, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग।

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