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गबन मामले में पूर्व जोनल डायरेक्टर को 5 साल की सजा
सुशील राज/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 07 Mar 2014 04:18 PM IST
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एनसीबी के मालखाने से 13 लाख 81 हजार रुपये गबन के मामले में फंसे एनसीबी के पूर्व जोनल डायरेक्टर साजी मोहन और सुपरिटेंडेंट बलविंदर को 5-5 साल की सजा सुनाई गई है और 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
गत मंगलवार को दोनों आरोपियों को मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाजर सिंह की अदालत ने दोषी करार दिया था।
ये है मामला
मुंबई एटीएस द्वारा हेरोइन तस्करी में पूर्व जोनल डायरेक्टर साजी मोहन केपकड़ने जाने के बाद एनसीबी मालखान इंचार्ज ने 30 जनवरी 2009 को मालखाने का रिकार्ड चेक किया था।
रिकार्ड चेकिंग के दौरान मालखान इंचार्ज को जब्त किए गए 13 लाख 81 हजार रुपये कम पाए गए।
एनसीबी के मालखान इंचार्ज ने एनसीबी के जोनल डायरेक्टर साजी मोहन और सुपरिटेंडेंट बलविंदर सिंह के खिलाफ सेक्टर-3 थाने में शिकायत दी थी।
सेक्टर-3 थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार और गबन का मामला दर्जकर उन्हें कई महीनों बाद गिरफ्तार किया था।
जांच में पाया गया था कि सुपरिटेंडेंट ने मालखाने से 13 लाख 81 हजार रुपये जोनल डायरेक्टर को पीयू स्थित बैंक में जमा करवाने के लिए दिए थे। लेकिन, उन्होंने रुपये जमा करवाने के बजाए गाड़ी खरीद ली थी।
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गत मंगलवार को दोनों आरोपियों को मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाजर सिंह की अदालत ने दोषी करार दिया था।
ये है मामला
मुंबई एटीएस द्वारा हेरोइन तस्करी में पूर्व जोनल डायरेक्टर साजी मोहन केपकड़ने जाने के बाद एनसीबी मालखान इंचार्ज ने 30 जनवरी 2009 को मालखाने का रिकार्ड चेक किया था।
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रिकार्ड चेकिंग के दौरान मालखान इंचार्ज को जब्त किए गए 13 लाख 81 हजार रुपये कम पाए गए।
एनसीबी के मालखान इंचार्ज ने एनसीबी के जोनल डायरेक्टर साजी मोहन और सुपरिटेंडेंट बलविंदर सिंह के खिलाफ सेक्टर-3 थाने में शिकायत दी थी।
सेक्टर-3 थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार और गबन का मामला दर्जकर उन्हें कई महीनों बाद गिरफ्तार किया था।
जांच में पाया गया था कि सुपरिटेंडेंट ने मालखाने से 13 लाख 81 हजार रुपये जोनल डायरेक्टर को पीयू स्थित बैंक में जमा करवाने के लिए दिए थे। लेकिन, उन्होंने रुपये जमा करवाने के बजाए गाड़ी खरीद ली थी।
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