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यूएई में बंधुआ मजदूरी कर रहे 38 पंजाबी युवक
संजीव कुमार बख्शी/अमर उजाला, होशियारपुर
Updated Fri, 28 Mar 2014 08:29 AM IST
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एक अरब कंपनी में ड्राइवर बनने के लिए गए 38 पंजाबी युवकों को वहां बंधुआ मजदूर बना दिया गया है।
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उन्हें वहां लम्मा पिंड जालंधर के ट्रेवल एजेंट ने नवंबर में भेजा था। वहां उनसे गंदगी उठवाई जाती है और बदले में पूरे पैसे भी नहीं दिए जाते।
ट्रेवल एजेंट ने उन्हें सऊदी अरब जाने से पहले अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस दिया था। इसे परिवहन विभाग ने नकली बताया है। पुलिस ने उन लाइसेंसों को फाड़ दिया, जबकि कंपनी ने युवकों के पासपोर्ट जमा कर लिए हैं।
युवकों को जिस ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम पर भेजा गया था, वह कंपनी गंदगी उठाने का काम करती है।
धोखाधड़ी के शिकार इन 38 पंजाबी युवकों में शामिल दो युवकों जालंधर निवासी जनमीत सिंह और होशियारपुर निवासी जगजीत सिंह ने रियाद (सऊदी अरब) से अमर उजाला को फोन पर बताया कि सभी युवक होशियारपुर, जालंधर, नवांशहर, फगवाड़ा और गुरदासपुर के हैं।
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उन्हें भेजने वाले एजेंटों ने इसके लिए उनसे एक-एक लाख रुपये लिए थे। एजेंट ने उन्हें बताया था कि उन्हें वहां 1200 रियाल के वेतन पर ड्राइवर का काम करना है।
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यहां उन्हें सफाई का काम करने के लिए बंधुआ बना लिया गया है। उन्हें हर महीने सिर्फ 300 रियाल ही दिए जा रहे हैं।
जगजीत ने बताया कि उचित वेतन या वापस भेजने की मांग पर कंपनी उनसे पैसे मांगती है। उसकी माता होशियारपुर में लकवे के कारण बिस्तर पर है, लेकिन कंपनी उसे पासपोर्ट देने के बदले आठ हजार रियाल मांगती है।
कंपनी कहती है कि उसने एजेंटों को पैसे देकर तीन साल का एग्रीमेंट साइन किया है और उन्हें तीन साल तक काम करना ही होगा। उसने मांग की कि उन्हें यहां से छुड़वाने के लिए भारत सरकार कोई कार्रवाई करे।